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यरूशलेम के पवित्र चर्च की मुस्लिम करते हैं देखभाल

यरूशलेम में पवित्र सेपुलर चर्च के भीतर ईसाई परंपरा के अनुसार यीशु की कब्र यहाँ स्थित है

यरूशलेम : यरूशलेम की पवित्र भूमि में धार्मिक एकजुटता का प्रतीक के रूप में सदियों से पुरानी परंपरा शामिल है, जो अदीब जुदेह अल-हुसैनी के हाथों में है। अदीब जुदेह अल-हुसैनी, एक मुस्लिम व्यक्ति जो यरूशलेम में प्रसिद्ध पवित्र सेपुलचर चर्च के चाबी रखते है और पवित्र मकबरे के स्टम्प के धारक भी हैं। यह एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है जो कि जेरूसलम में क्रूसेडर्स से मुक्ति के समय से है। वह, फिलिस्तीनी कब्जे वाले क्षेत्रों में कई मुस्लिम परिवारों के साथ, कई चर्चों के संरक्षक रहे हैं।

यरूशलेम में पवित्र सेपुलर चर्च के भीतर ईसाई परंपरा के अनुसार यीशु की कब्र यहाँ स्थित है. क्रूस पर चढ़ने के 300 वर्ष बाद, इस स्थान की विश्वसनीयता को सम्राट कॉन्सटाटाइन की अवधि में दावा किया गया था की यीशु की कब्र यहाँ है. यरूशलेम के पुराने शहर में यह पवित्र चर्च सदियों से आग, भूकंप और युद्ध से नुकसान हुआ। और मरम्मत भी कई चक्रों में हुआ। मूल संरचना को अल-हकीम बी अमरुल्लाह फातिमी खलीफा के आदेश पर 1009 में नष्ट कर दिया गया था, लेकिन 1027 में फातमी स्म्राजय और बीजान्टिन साम्राज्य के बीच व्यापक वार्ता में एक समझौते के तहत नए खलीफा अली अज़-ज़हिर (अल-हकीम के पुत्र) ने चर्च के पुनर्निर्माण और पुनर्रचना की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की थी जिसके बाद इसकी मरम्मत की गयी थी।

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