Sunday , December 17 2017

यलारीडी बस स्टेशन में बुनियादी सहूलतों का फ़ुक़दान

यलारीडी आर टी सी बस स्टेशन में अवामी सहूलयात का फ़ुक़दान होने पर मुसाफ़िरिन को मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है।

यलारीडी आर टी सी बस स्टेशन में अवामी सहूलयात का फ़ुक़दान होने पर मुसाफ़िरिन को मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है।

रोज़ाना सौ से ज़ाइद आर टी सी बसों का आना जाना लगा रहता है और सुबह से रात देर गए तक यहां मुसाफ़िरिन की ख़ास तादाद बसों के इंतेज़ार में रहा करती है।

तक़रीबन 30 साल पहले तामीर किए गए बस स्टेशन में मुसाफ़िरिन को बैठने के लिए भी कोई सहूलत नहीं है। मुसाफ़िरिन के लिए रखे गए बैंच टूट फूट गए हैं। यही नहीं सीमेंट के ज़रीये बनाए गए चबूतरे भी मुनहदिम होचुके हैं।

दूर मुक़ामात को जाने वाले मुसाफ़िरिन को काफ़ी देर टहर कर ही बसों का इंतेज़ार करना पड़ रहा है। बैतउलख़लाएं भी मुनहदिम होगए हैं। जबकि बस स्टेशन अहाते में मौजूद दुकानात से आर टी सी को माह 35 हज़ार रुपये से ज़ाइद की आमदनी है।

फिर भी मुसाफ़िरिन के लिए सहूलतों नही है अवाम ब्रहमी का इज़हार कर रहे है। बस स्टैंड में बर्क़ी वाटर टैंक भी ख़स्ता होगई है और बारिश पर छत से पानी टपकता है। छत के टुकड़े गिर रहे हैं। कई मर्तबा छत के टुकड़े मुसाफ़िरिन पर भी आगरे हैं।

फिर भी ज़िम्मेदारान के कान पर जूं तक नहीं रेंगती। जबकि कई मर्तबा अवामी नुमाइंदों ने ज़िम्मेदारों से शिकायत की है फिर भी मुसाफ़िरिन के लिए आज तक कोई सहूलत फ़राहम ना होसकी।

आर टी सी को सिर्फ़ अपनी आमदनी का ख़्याल है और आए दिन शॉपिंग कामपलकस के लिए लाखों रुपये वसूल करते हुए आमदनी बढ़ाई जा रही है लेकिन अवाम के लिए बस स्टेशन साफ़ सुथरा रखना ज़रूरी नहीं समझते , सैंकड़ों अवाम का रोज़ाना आना जाना होता है। इस लिए यहां सहूलतों के साथ सफ़ाई की भी ज़रूरत है।

TOPPOPULARRECENT