यूगांडा के जैक्सन कपराप और‌ केन्या की वेलनटीना कपकीटर को खिताब‌ x

यूगांडा के जैक्सन कपराप और‌ केन्या की वेलनटीना कपकीटर को खिताब‌ x
x

x
मुंबई 20 जनवरी स्टानडर्ड चार्टर्ड मुम्बई मराथन में आज यूगांडा के जैक्सन कपराप और केन्या की वैलंटीना कपकेटर ने मर्दों और ख़वातीन के ज़मुरे में शानदार रिकार्डज़ क़ायम करते हुए कामयाबियां दर्ज करलीं । पहली मर्तबा इस मराथन में हिस्सा लेने वाले कपराप इब्तिदा-ए-ही से सब की तवज्जो का मर्कज़ बने हुए थे और आख़िरी लमहात में उनसे दौड़ में तेज़ी पैदा किए जाने की उम्मीद की जा रही थी ।

उन्होंने इस दौड़ में केन्या के दिफ़ाई मेन्स चम्पिय‌न लाबान मोएबन को भी पीछे छोड़ दिया । उन्होंने ये फ़ासले दो घंटे 9 मिनट और 32 सिकनड में पूरा क्या । इस तरह उन्होंने दो साल क़बल क़ायम किए गए दो घंटे 9 मिनट और 54 सिकनड के रेकॉर्ड को तोड़ दिया ।

इस कामयाबी के साथ ही उन्हें जुमला 55,000 डॉलर्स की इनामी रक़म हासिल हुई है । इस में रेकॉर्ड तोड़ने पर मिलने वाला 15,000 डॉलर्स का बोनस भी शामिल है। इथोपिया के जैकब चेशारी दूसरे नंबर पर रहे और उन्होंने दो घंटे 9 मिनट और 43 सिकनड में ये फ़ासला तैय‌ किया जबकि दो घंटे 10 मिनट और तीन सिकनड में दौड़ मुकम्मल करते हुए एलेजाह केमबोई तीसरे नंबर पर रहे ।

गुजिशता साल के फ़ातह और दौड़ से पहले के पसंदीदा अथेलेट मोएबेन ने दो घंटे 10 मिनट और 55 सिकनड का वक़्त लेते हुए पांचवां मुक़ाम हासिल किया । कपरप लंदन ओलम्पिकस के मेन्स मराथन चम्पिय‌न स्टीफ़न कपरा टच के पार्टनर थे । उन्होंने कहा कि वो यहां तीन माह की मुसलसल ट्रेनिंग के बाद आए हैं और ये उन की अच्छी कोशिश रही है ।

उन्होंने कहा कि ये उन की पहली मराथन थी । वो इस के लिए केन्या में कपरा टच के साथ ट्रेनिंग कर रहे थे । वो तीन माह तक ट्रेनिंग के बाद यहां आए थे । उन्होंने 2005 में हाफ मराथन में हिस्सा लेना शुरू किया था । इस साल उन्होंने फ़ुल मराथन का आग़ाज़ किया है । यहां की सूरत-ए-हाल और सहूलयात से मुताल्लिक़ सवाल पर कपराप ने कहा कि इब्तिदा-ए-में मौसम ठंडा था ताहम बाद में ये क़दरे गर्म होगया था ।

मर्दों की दौड़ में मुक़ाबले सख़्त रहे और नौ अथेलेट एक दूसरे पर सबक़त लेजाने कोशां थे । मोएबेन निस्फ़ फ़ासले पर सब से आगे थे लेकिन बाद में वो पीछे होते गए । ख़वातीन की दौड़ में ताहम कपकेटर शुरू से छाई रहीं और उन्हें कोई ख़ास मुक़ाबला दरपेश नहीं रहा ।

उन्होंने पहली मराथन अप्रैल 2012 में हैम्बर्ग में जीती थी । उन्होंने कहा कि उन्हें यहां मौसम के हालात पर कोई शिकायत नहीं है । उन्होंने कहा कि वो जर्मनी में अपनी कारकर्दगी को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे जहां मौसम के हालात मुम्बई से क़दरे सर्द होते हैं। उन्होंने कहा कि दौड़ के दौरान उन्होंने ज़्यादा पानी पिया था ।

मुम्बई में मौसम अच्छा है और उन्हें कोई शिकायत नहीं है । वो ख़ुश हैं कि उन्होंने ट्रैक रेकॉर्ड क़ायम किया है । उन्हें यक़ीन है कि वो इस से कम वक़्त में दौड़ मुकम्मल करसकती हैं। उन्होंने कहा कि हालाँकि उन्होंने साबिक़ से कम वक़्त लिया है लेकिन वो इस में मज़ीद बेह‌तरी पैदा करसकती हैं।

Top Stories