यूपी- मिड डे मील में एक लीटर दूध 80 बच्चों में बांटा गया, अधिकारी समेत दो सस्पेंड

यूपी- मिड डे मील में एक लीटर दूध 80 बच्चों में बांटा गया, अधिकारी समेत दो सस्पेंड

यूपी के मिर्जापुर के सरकारी स्कूल में नमक और रोटी मामले के बाद अब सोनभद्र के एक स्कूल में दूध में भारी मात्रा में पानी मिलाकर बच्चों में बांटने का मामला सामने आया है। सोनभद्र जिले के सलाइ बनवा के सरकारी स्कूल में बुधवार को कथित तौर पर मिड डे मील योजना के तहत एक लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर 80 बच्चों में बांट दिया गया। मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने शिक्षा मित्र और संबंधित शिक्षक को सस्पेंड कर दिया है और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। साथ ही शिक्षा मित्र के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट राजलिंगम ने कहा कि “शिक्षा मित्र” ने प्रभारी शिक्षक की अनुपस्थिति में दुर्भावनापूर्ण इरादे से ऐसा किया। उसने रसोई में कर्मचारियों को दूध में पानी मिलाने और बच्चों को इसे परोसने के लिए कहा। उसने मीडिया को भी फोन किया। पूरे एपिसोड की वीडियो रिकार्डिंग की।

‘सभी बच्चों के लिए नहीं था पर्याप्त दूध’

स्कूल के प्रमुख शैलेश कनौजिया ने बताया, “स्कूल में 171 बच्चे पंजीकृत हैं। उस दिन 80 बच्चे मौजूद थे। मुझे दो स्कूलों की जिम्मेदारी संभालनी थी। दोनों स्कूलों के लिए दूध की व्यवस्था की जानी थी और मैं सलाइ बनवा स्कूल पहुंचने वाले दूध की निगरानी  नहीं कर सका। रसोइया को यह दूध उपलब्ध कराया गया, जिसे बच्चों में वितरित किया गया और उन्होंने इसे पिया।” हालांकि, कर्मचारियों ने कहा कि सभी बच्चों के लिए पर्याप्त मात्रा में दूध उपलब्ध नहीं था। इसलिए, उन्होंने दूध में पानी मिलाया।

मिलाया गया था पानी

एक महिला कर्मचारी ने बताया, “सर ने मुझे पानी मिलाने के लिए कहा था, जिसके बाद एक बाल्टी पानी डाली गई। दूध को उबालने के बाद बांटा गया।” कक्षा चार की छात्रा पूजा ने कहा, “जो दूध हमें दिया गया था,  उसमें पानी मिलाया गया था।”

सोनभद्र के सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल कहा, यह मामला संज्ञान में आने पर गुणवत्ता की जांच के लिए मौके पर जाकर पूछताछ की गई। वहां बताया गया कि दूध उपलब्ध नहीं था इसलिए संतुलित मात्रा में इसमें अधिकारियों नें पानी मिलाने के निर्देश दिए थे। यह भी बताया कि शिक्षक और दूध लेने गए थे , लेकिन इस बीच तस्वीरें ले ली गई और उन्हें वितरित कर दिया गया।

पहले मिर्जापुर में हुई थी घटना

इससे पहले 22 अगस्त को  मिर्जापुर के एक सरकारी स्कूल में बच्चों को चपाती और नमक दिए जाने का मामला सामने आया था। तब इसमें सितंबर में मामला दर्ज किया गया था।

मिड डे मील योजना के तहत, छात्रों को जरूरी पोषण के लिए दाल, चावल, चपाती और सब्जी के अलावा फल और दूध भी दिया जाता है।

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