Sunday , April 22 2018

यूरोप में भारी बर्फबारी से 35 से ज्यादा लोगों की मौत, पारा माइनस 20 डिग्री से नीचे पहुंचा

यूरोप बर्फीले तूफान की मार झेल रहा है। यूरोप के कुछ देश आर्कटिक से भी ज्यादा ठंड को झेल रहे हैं। इसका असर आम जन जीवन पर भी देखने को मिल रहा है। संड़कों पर बर्फ की चादर बिछी हुई है। पब्लिक ट्रांस्पोर्ट पर भी ठप है।

2 दिन में 300 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल की जा चुकी हैं। इन सब के बीच यह भी खबर है कि 35 से ज्यादा लोगों की ठंड के चलते मौत भी हुई है।

उत्तरी नीदरलैंड में तापमान माइनस 43 डिग्री तक पहुंचा। ब्रिटेन में तापमान माइनस 23 डिग्री दर्ज किया गया है। यह 55 साल में सबसे कम है। यहां दो दिनों से स्कूल बंद हैं। वहीं स्कॉटलैंड में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इटली के नेपल्स में 50 साल की बर्फबारी का रिकॉर्ड तोड़ा है। वहीं इटली की राजधानी रोम में 32 साल में दूसरी बार बर्फ गिरी है। पोलैंड में केवल बुधवार को ही ठंड के कारण 8 मौतें हुई।

यहां सड़कों पर फंसे लोगों को निकालने और बर्फ हटाने के लिए सेना को तैनात किया गया है। रूस में समुद्र तट जम चुकें हैं। देश की राजधानी मॉस्को का तापमान माइनस 21 डिग्री रहा।

आर्कटिक में लो प्रेशर जोन बनने के कारण ध्रुवों से ठंडी हवाएं यूरोप की तरफ बह रही हैं। इसे ही आर्कटिक ब्लास्ट कहते हैं। आर्कटिक में अभी औसत तापमान माइनस 20 डिग्री है।

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