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यू पी असेंबली के सरमाई इजलास का आज आग़ाज़, अपोज़ीशन कमरबस्ता

लखनऊ, २३ नवंबर,(पीटीआई) मुल्क के कई मुक़ामात पर फ़िर्कावाराना कशीदगी, ला ऐंड आर्डर की सूरत-ए-हाल, बर्क़ी की नाक़िस सरबराही और गन्ने के लिए कम क़ीमतों में ऐलान में ताख़ीर जैसे मुआमलात को विधान भवन के मुख़्तसर सरमाई सेशन के दौरान अपोज़ीशन क

लखनऊ, २३ नवंबर,(पीटीआई) मुल्क के कई मुक़ामात पर फ़िर्कावाराना कशीदगी, ला ऐंड आर्डर की सूरत-ए-हाल, बर्क़ी की नाक़िस सरबराही और गन्ने के लिए कम क़ीमतों में ऐलान में ताख़ीर जैसे मुआमलात को विधान भवन के मुख़्तसर सरमाई सेशन के दौरान अपोज़ीशन की जानिब से उठाया जा सकता है।

बी एस पी, बी जे पी, कांग्रेस और आर एल डी ने ज़हन साज़ी कर ली है कि हुकूमत को मुंदरजा बाला तमाम मुआमलात के लिए इतमीनान बख्श जवाब देने होंगे। दूसरी तरफ़ ये अंदेशे भी ज़ाहिर किए जा रहे हैं कि सरमाई सेशन चूँकि मुख़्तसर है लिहाज़ा तमाम मौज़ूआत पर इतमीनान बख्श मुबाहिसा नहीं किया जा सकता।

सरमाई सेशन सिर्फ़ 4 रोज़ा है और ज़्यादातर वक़्त हुक्मराँ जमात की कार्रवाई में गुज़र जाएगा। लेकिन इस के बावजूद जो भी वक़्त मयस्सर आ जाए इसे ग़नीमत तसव्वुर करते हुए अपोज़ीशन जमातें अवामी मुफ़ाद के मुआमलों को उठाने तर्जीह देंगी।

क़ाइद अपोज़ीशन और बी एस पी क़ाइद स्वामी प्रसाद मोर्य ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि अपोज़ीशन के पास असेंबली में उठाने के लिए मुद्दाओं और मौज़ूआत की कोई क़िल्लत नहीं है जिसके लिए उनकी पार्टी ने एक हिक्मत-ए-अमली भी वज़ा कर ली है।

बी जे पी लेजिस्लेचर पार्टी क़ाइद हुक्म सिंह ने इद्दिआ किया कि ला ऐंड आर्डर की सूरत-ए-हाल इंतिहाई ख़राब है और गुज़श्ता आठ माह के दौरान एस पी हुकूमत के दौर में फ़िर्कावाराना झड़पों के आठ वाक़ियात रौनुमा हुए। दूसरे अलफ़ाज़ में एस पी हुकूमत में गुज़श्ता आठ माह के दौरान फ़ी माह एक फ़िर्कावाराना वाक़िया रौनुमा हुआ जिस किसी भी तरह अच्छा औसत नहीं कहला सकता।

एक ज़माना था के सोलहा साल में इक्का दुक्का वाक़ियात रौनुमा हो जाते थे लेकिन आज ये हाल है कि आठ माह के दौरान आठ वाक़ियात रौनुमा हुए हैं।

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