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यू पी ए हुकूमत की ताईद से दसतबरदारी के लिए सीमांध्र क़ाइदीन से मुतालिबा

सीमांध्र वुकला की जवाइंट एक्शण कमेटी (जय ए सी )ने इल्ज़ाम लाग्या कि इस इलाके से ताल्लुक़ रखने वाले अरकान-ए-पार्लीमैंट अरकान असेंबली उस वक़्त ख़ाब-ए-ग़फ़लत में थे जब कांग्रेस की ज़ेर क़ियादत मर्कज़ी यू पी ए हुकूमत ने आंध्र प्रदेश की तक़सीम क

सीमांध्र वुकला की जवाइंट एक्शण कमेटी (जय ए सी )ने इल्ज़ाम लाग्या कि इस इलाके से ताल्लुक़ रखने वाले अरकान-ए-पार्लीमैंट अरकान असेंबली उस वक़्त ख़ाब-ए-ग़फ़लत में थे जब कांग्रेस की ज़ेर क़ियादत मर्कज़ी यू पी ए हुकूमत ने आंध्र प्रदेश की तक़सीम को क़तईयत देने का अमल शुरू कर दिया था।

जय ए सी के मुआविन कन्वीनर मोपला सुबह राव ने कहा कि ये वाज़िह हैके सीमांध्र से ताल्लुक़ रखने वाले हमारे अरकान-ए-पार्लीमैंट और अरकान असेंबली उस वक़्त बेख़बर थे जब (उस वक़्त के ) मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने अपने बयान में कहा था कि अलाहिदा तेलंगाना के क़ियाम का अमल शुरू होचुका है।

एम सुबह राव ने दिल्ली में जुमा को वुकला के एहितजाजी मुज़ाहरा में हिस्सा लेने के बाद यहां वापसी के मौके पर अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि इन अरकान मुक़न्निना ने उस वक़्त कोई लब कुशाई नहीं की थी और अब जबकि सीमांध्र एजीटेशन अपने उरूज पर पहुंच चुका है वो सयासी ड्रामा करते हुए कह रहे हैं कि वो अपने ओहदों से मुस्ताफ़ी होजाएंगे।

सुबह राव ने कहा कि इन अरकान मुक़न्निना को चाहीए कि वो मर्कज़ी हुकूमत को मकतूब रवाना करते हुए ये वाज़िह करदें कि वो यू पी ए हुकूमत की ताईद से दस्तबरदार होरहे हैं क्यूंकि एसा करने से दस्तूर बोहरान पैदा होगा और हुकूमत को रियासत की तक़सीम का फ़ैसला वापिस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि चंद सयासी जमातें और उनके क़ाइदीन 2014 के चुनाव के बाद आंध्र प्रदेश के सयासी मंज़र से मुकम्मिल तौर पर ग़ायब होजाएंगे।

सुबह राव ने कहा कि सीमांध्र के अरकान मुक़न्निना अब राय दहिंदों का सामना करने से शर्मिंदा है और अपने मुताल्लिक़ा हलक़ों के दौरा से गुरेज़ कररहे हैं।

उन्होंने कहा कि सीमांध्र के 13 अज़ला से ताल्लुक़ रखने वाले 35000 वुकला तक़सीम के मंसूबा के ख़िलाफ़ एहतेजाज करते हुए अदालतों से ग़ैर हाज़िर हैं।

इस इलाके के वुकला का एक मीटिंग 26 अक्टूबर को विशाखापटनम में मुनाक़िद होगा जिस में मुस्तक़बिल के लायेहा-ए-अमल को क़तईयत दी जाएगी और एहतिजाज को उस वक़्त तक जारी रखा जाएगा जबतक मर्कज़ी हुकूमत आंध्र प्रदेश की तक़सीम के फ़ैसले से दस्तबरदार नहीं होजाती।

सुबह राओ ने सीमांध्र के तमाम अरकान-ए-पार्लीमैंट और अरकान असेंबली से मुतालिबा किया कि वो यू पी ए हुकूमत पर अपना दबाव बरक़रार रखें और मर्कज़ी हुकूमत को रियासत की तक़सीम के फ़ैसले से बाज़ रखा जाये।

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