Friday , June 22 2018

यू पी मदर‌सा तालीमी बोर्ड के चेयरमेन के ओहदा पर सरकारी ओहदेदार का तक़र्रुर

इलाहाबाद हाईकोर्ट की डीवीझ़न बेंच जो जस्टिस इमतियाज़ मुर्तज़ा , जस्टिस वी के उपाध्याय पर मुश्तमिल थी के साम ने आज रियास्ती हुकूमत ने ये मौक़िफ़ पेश किया कि उसने मदर‌सा तालीमी बोर्ड के चेयरमेन के ओहदा पर महिकमा अक़ल्लियती फ़लाह-ओ-बहबू

इलाहाबाद हाईकोर्ट की डीवीझ़न बेंच जो जस्टिस इमतियाज़ मुर्तज़ा , जस्टिस वी के उपाध्याय पर मुश्तमिल थी के साम ने आज रियास्ती हुकूमत ने ये मौक़िफ़ पेश किया कि उसने मदर‌सा तालीमी बोर्ड के चेयरमेन के ओहदा पर महिकमा अक़ल्लियती फ़लाह-ओ-बहबूद के डायरैक्टर इबरार अहमद को नामज़द कर दिया है

इस पर दर्ख़ास्त गुज़ार फ़ारूक़ अहमद ऐडवोकेट ने कहा कि मदर‌सा तालीमी बोर्ड क़ानून के तहत चेयरमेन के ओहदा पर कोई माहिर-ए-तालीम, माहिर ज़बान-ओ-अदब को ही नामज़द किया जा सकता है कोई सरकारी ओहदेदार इस ओहदा पर तैनात नहीं किया जा सकता।

इबरार अहमद एक सरकारी ओहदेदार हैं इस लिए उनकी इस ओहदा पर नामज़दगी गै़रक़ानूनी है। फ़ाज़िल बेंच ने सरकारी वकील से दर्याफ्त किया कि उसने मदर‌सा तालीमी बोर्ड के क़वाइद-ओ-ज़वाबत के मुताबिक़ इस ओहदा पर तक़र्रुर क्यों नहीं किया? फ़ाज़िल बेंच ने ज़बानी तौर पर ये भी कहा कि रियास्ती हुकूमत नामज़द चेयरमेन से इस्तीफ़ा दिलाए और 10 अक्टूबर को इस मुआमला को अदालत में पेश करे।

फ़ाज़िल बेंच के जज जस्टिस इमतियाज़ मुर्तज़ा ने इबरार अहमद के तक़र्रुर पर सख़्त एतराज़ किया।

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