यू पी में मुस्लिम वोटों के लिए ग़ैरमामूली जंग

यू पी में मुस्लिम वोटों के लिए ग़ैरमामूली जंग
नई दिल्ली, ३० जनवरी (पी टी आई) असेंबली इंतेख़ाबात में मुस्लिम वोटों की एहमीयत में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश में इस से पहले ये हरगिज़ नहीं देखा गया कि मुस्लिम वोटों के हुसूल के लिए सयासी पार्टीयों में जंग छिड़ गई हो।

नई दिल्ली, ३० जनवरी (पी टी आई) असेंबली इंतेख़ाबात में मुस्लिम वोटों की एहमीयत में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश में इस से पहले ये हरगिज़ नहीं देखा गया कि मुस्लिम वोटों के हुसूल के लिए सयासी पार्टीयों में जंग छिड़ गई हो।

राहुल गांधी भी कोटा सियासत के लिए जारी दौड़ में शामिल हो गए हैं। 20 करोड़ आबादी वाली रियासत उत्तरप्रदेश में 18 फ़ीसद मुस्लिम वोट हैं।

अक़ल्लीयती तबक़ा के ज़्यादा से ज़्यादा वोट हासिल करने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के दरमयान अमलन कांटे की लड़ाई जारी है। इन के इलावा पीस पार्टी और उल्मा कौंसल भी रियासत के सयासी मंज़र पर उभर चुकी हैं।

ये पार्टीयां भी मुस्लिम वोट हासिल करने का दावा कर रही हैं। बी जे पी, जो हमेशा मज़हब की असास पर तहफ़्फुज़ात की मुख़ालिफ़त करती रही है, अपनी हरीफ़ पार्टीयों के दरमयान मुस्लिम वोट के हुसूल के लिए जारी दौड़ का इस्तेमाल करते हुए अक़ल्लीयतों के लिए ज़िमनी कोटा देने के ख़िलाफ़ पसमांदा तबक़ात को उकसाने का काम कर रही है।

हैरत की बात ये है कि ज़ेली कोटा के मसला को कांग्रेस ने ही उठाया है। कई दहों पहले रियासत में इस का सयासी सफ़ाया होचुका था। मंडल और मंदिर मसला ने उसे मुस्लिम वोटों से महरूम किया है। सयासी मुबस्सिरीन ने इस बात को नोट किया है कि 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद की शहादत ने कांग्रेस की बदक़िस्मती में इज़ाफ़ा कर दिया, जब कि मर्कज़ी वज़ीर-ए-क़ानून सलमान ख़ुरशीद यू पी से ताल्लुक़ रखने वाले कांग्रेस के अहम क़ाइदीन में से एक हैं, उन्हों ने रियासत में पसमांदा मुस्लमानों के लिए 9 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात देने के मंसूबा का ऐलान किया है।

ए आई सी सी भी उन के ऐलान की हामी है। मुलाइम सिंह यादव की ज़ेर क़ियादत समाजवादी पार्टी ने अपने मंशूर में आबादी की असास पर मुस्लमानों को रोज़गार में तहफ़्फुज़ात देने का वायदा किया है, लेकिन मंशूर में इस ताल्लुक़ से मज़ीद कोई तफ़सीलात नहीं हैं। समाजवादी पार्टी ने अपने मंशूर मैं सच्चर कमेटी की तमाम सिफ़ारिशात को रूबा अमल लाने का वाअदा किया है। इक़तिदार पर क़बज़ा बरक़रार रखने की जद्द-ओ-जहद में चीफ़ मिनिस्टर मायावती ने भी मुस्लमानों की ताईद हासिल करने की कोशिश की है।

उन्हों ने मुस्लमानों को तहफ़्फुज़ात देने के लिए वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह को मकतूब लिखा था। कांग्रेस ने अपने मंशूर मैं वीज़न दस्तावेज़ 2020-ए-बराए उत्तरप्रदेश में पसमांदा मुस्लमानों के लिए आबादी के मुताबिक़ तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने का मंसूबा बनाया है।

समझा जाता है कि मुस्लमान यू पी के 130 हलक़ों में नताइज पर असरअंदाज़ हो सकते हैं। इस बात को ज़हन में रख कर बी एस पी ने 84 मुस्लिम उम्मीदवार ठहराए हैं। समाजवादी पार्टी के 75 और कांग्रेस के 61 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में हैं।

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