Friday , April 20 2018

येरूसलम मामला : ट्रम्प के समर्थन में सिर्फ 9 देश, अमेरिका बोला याद रहेगा ये दिन

संयुक्त राष्ट्र महासभा में येरुशलम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया है. इस प्रस्ताव के समर्थन में भारत सहित 128 देशों ने वोट दिया. वहीं, ट्रंप के समर्थन में 9 देशों ने वोट किया. 35 देशों ने खुद को मतदान से दूर रखा और 21 अनुपस्थित रहे. प्रस्ताव के पास होने के बाद अब अमेरिका को अपना फैसला बदलना होगा.

वोटिंग के बाद अमेरिकी अंबेसडर निक्की हेली ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र इसे हमेशा याद रखेगा. हमें यूएन में दुनिया का सबसे बड़ा योगदान देने के लिए बुलाया जाता है. हम इसे याद रखेंगे कि कुछ देशों ने अपने फायदे के लिए हमारे प्रभाव का प्रयोग किया है.” उन्होंने इसे ‘अनादर’ बताते हुए कहा कि अमेरिकी दूतावास येरुशलम वैसे ही जाएगा. उन्होंने कहा, “ये वोट अंतर पैदा करते हैं कि अमेरिकियों ने यूनाइटेड नेशन को कैसे देखा और हमारा अनादर करने वाले देश हमें कैसे देखते हैं. ये वोट याद रखा जाएगा.”

प्रस्ताव में कहा गया है कि येरुशलम संबंधी किसी भी स्टेटस को अमान्य समझा जाए. संयुक्त राष्ट्र महासभा के आपात सत्र में प्रस्ताव पेश किया गया जिसके ज़रिए ये कहा गया कि येरुशलम एक ऐसा मुद्दा है जिसे वार्ता के माध्यम से हल किया जाना चाहिए तथा उसके दर्जे़ पर किसी भी फैसले की कोई कानूनी प्रभाव नहीं है और उसे रद्द किया जाए.

पवित्र नगरी येरुशलम का दर्ज़ा इज़रायल-फलस्तीन संघर्ष के सबसे अधिक विवादास्पद विषयों में एक है. दोनों पक्ष उसे अपनी अपनी राजधानी होने का दावा करते हैं. इस शहर को छह दिसंबर को ट्रंप की ओर से इज़रायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने का फैसला अंतरराष्ट्रीय सहमति से भिन्न है. मुस्लिम देशों में अमेरिकी फैसले के विरुद्ध ज़बरदस्त प्रदर्शन शुरु हो गया और कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की.

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