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योगी के मंत्री का बेतूका तर्क, तीन बार नमाज़- नमाज़- नमाज़ कहने से नमाज़ नहीं होती तो तलाक़ कैसे हो सकता?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा ने तीन तलाक का समर्थन करने वालों की आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि अगर तीन बार ‘निकाह’ बोलने से शादी नहीं होती तो तीन बार ‘तलाक’ कहने से विवाह विच्छेद कैसे हो सकता है।

वक्फ एवं हज मंत्री मोहसिन रजा ने कहा, ‘मेरा साधारण सवाल है कि अगर तलाक-तलाक-तलाक बोलने से विवाह विच्छेद हो जाता है तो निकाह-निकाह-निकाह बोलने का मतलब होना चाहिए कि विवाह संपन्न हो गया।’

रजा का बयान गुरुवार को लोकसभा द्वारा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक पारित किए जाने के एक दिन बाद आया है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तर्क से चलें तो ‘नमाज-नमाज-नमाज’ बोलने का अर्थ होना चाहिए कि नमाज हो गई।

रजा ने कहा कि कहीं नहीं लिखा है कि तीन बार तलाक कहने से विवाह विच्छेद हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘क्या आप सोचते हैं कि तीन बार रोजा-रोजा-रोजा कहने से मेरा रोजा पूरा हो जाता है।

रोजा एक प्रक्रिया है, जिसे करना होता है। केवल हज-हज-हज बोलने से हज नहीं हो जाता। इसी तरह तलाक एक प्रक्रिया है।’ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की निन्दा करते हुए उन्होंने कहा कि बोर्ड ने चीजों का मजाक बनाकर रख दिया है और वह अपने निहित स्वार्थ को पूरा करना चाहता है।

विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए रजा ने कहा कि विपक्ष को पहले बताना चाहिए कि विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप देते समय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को पक्ष बनाने का आधार क्या है। कई संगठन समाज कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उनमें से एक है।

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