Friday , August 17 2018

योगी के मंत्री बोले-मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की फंडिंग की जांच होनी चाहिए

उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की गतिविधियां संदिग्ध हैं. उन्होंने सोमवार को मांग उठाते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां लॉ बोर्ड की गतिविधियों और फंडिंग की जांच करें.

गैरकानूनी संस्था है ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड

योगी के मंत्री मोहसिन रजा ने लॉ बोर्ड पर हमला करते हुए कहा कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड एक गैरकानूनी संस्था है, यह एक एनजीओ मात्र है. रजा ने सवाल उठाते हुए कहा कि ये किस हैसियत से संविधान के खिलाफ ऐसी बातें कर रहा है.

मोहसिन रजा ने मांग करते हुए कहा कि इस गैरकानूनी संस्था के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच होनी चाहिए. क्योंकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लगातार संविधान के खिलाफ बातें कह रहा है. साथ ही संविधान से टकराव मोल ले रहा है. ऐसे में इसकी जांच होनी चाहिए कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की फंडिंग कहां से होती है, कौन सी ताकतें इसके पीछे हैं. इतने बड़े-बड़े होटलों में होने वाली मीटिंग के पैसे कहां से आते हैं.

मोहसिन रजा ने कहा कि दो-ढाई सौ लोगों को कोलकाता, हैदराबाद, दिल्ली, लखनऊ लाना और ले जाना करने वाले संस्था को चंदा कहां से  मिल रहा है. सुरक्षा एजेंसियों को इस बात की जांच करनी चाहिए. हिन्दुस्तान में रहकर शरियत अदालतों की बात करने वाली इस एनजीओ पर कार्यवाई होनी चाहिए.

मोहसिन रजा ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड हर जिले में शरियत का ट्रेनिंग सेंटर खोलना चाहता है, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यह बताएं कि मदरसों में आखिर किस बात की पढ़ाई हो रही है. धर्म की शिक्षा और शरियत की ही शिक्षा तो मदरसों में दी जाती है तो फिर अलग से यह ट्रेनिंग सेंटर क्यों?

TOPPOPULARRECENT