Tuesday , December 12 2017

यौन उत्पीड़न का शिकार महिला कर्मचारियों की सुरक्षा

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जेतिंदर सिंह ने आज कहा कि महिला कर्मचारियों, यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद जांच के दौरान तीन महीने तक विदा कर सकती हैं हालांकि सरकार के पास यौन उत्पीड़न की शिकायतों के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि स्थानों कार (नेटवर्क पीतियस) में महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के कानून में यह प्रावधान है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद अगर जांच मझरज़ विचाराधीन हैं वह तीन महीने की छुट्टी प्राप्त कर सकती हैं।

राज्य मंत्री स्टाफ, जनता की शिकायतों और छात्रवृत्ति कहा कि पीड़ित महिला की याचिका पर नियोक्ता इस तरह की रियायत पारित कर सकते हैं बशर्ते स्थानीय समिति या आंतरिक समिति यह सिफारिश करे। इस पूछे जाने पर कि महिला कर्मचारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों की संख्या कितनी है, उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार के पास कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं हैं।

कानून के अनुसार यौन उत्पीड़न सहित शारीरिक संबंध और मनोवैज्ञानिक इच्छा पूर्ति की मांग या अनुरोध, सेक्स त्रस्त टिप्पणी, अश्लील तस्वीरें प्रदर्शित और आपत्तिजनक इशारे शामिल हैं। इसके अलावा नौकरी का झांसा देकर हवस का शिकार बनाना, नौकरी से निकाल देने की धमकी देना, कामकाज में हस्तक्षेप करना, गीरशाईसतह व्यवहार भी यौन उत्पीड़न की परिभाषा में आते हैं।

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