Wednesday , September 26 2018

यौन शोषण के 1 साल बाद भी कराई जा सकेगी एफआईआर

एनआरआई दूल्हों द्वारा शादी कर पत्नी को भारत में छोड़कर भाग जानेवालों पर केंद्र सरकार ने सख्ती की तैयारी कर ली है। सरकार कोड ऑफ क्रिमिनल प्रॉसिजर (सीआरपीसी) में बदलाव की तैयारी में है।

पत्नी को भारत में छोड़कर भाग जाने और कोर्ट के समन के बाद भी 3 बार तक पेश नहीं होने वाले पति को भगोड़ा घोषित किया जाएगा। इतना ही नहीं भारत में पति और उसके परिवार की संपत्ति को भी सील किया जा सकता है।

केंद्रीय बाल और महिला विकास मंत्रालय ने इसके साथ बाल यौन शोषण रोकने के लिए भी कुछ और सख्त कदम उठाए हैं। सीआरपीसी में बदलाव के जरिए यौन शोषण के 1 साल बाद तक भी एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी।

अगर यौन शोषण बचपन में हुआ और पीड़ित अब बालिग है तब भी केस दर्ज कराया जा सकेगा। विदेश मंत्रालय ने एनआरआई दूल्हों पर नकेल कसने के लिए कानून में बदलाव के लिए कानून मंत्रालय को पत्र भी लिखा है।

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा, ‘ऐसा देखने में आया है कि विदेश में बस गए पति शादी के बाद अपनी पत्नी को छोड़ने के आरोप में कई बार कोर्ट नोटिस जारी करने के बाद भी पेशी के लिए हाजिर नहीं होते हैं।

इस पर रोक लगाने के लिए ऐसे लोगों को भगोड़ा घोषित किया जाएगा और विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर भगोड़े की लिस्ट में उनका नाम शामिल होगा।’

बाल यौन शोषण कनून में बदलाव के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि कानून में बदलाव का उद्देश्य है कि बचपन में हुए इस हादसे के बाद अगर प बालिग भी हो गए हैं तो आपको न्याय का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘ऐसे मामलों में कुछ अपने रिस्क भी हो सकते हैं और झूठे केस की आशंकाओं पर भी विचार किया गया।

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