Tuesday , December 12 2017

यौम-ए-आशूरा को कांग्रेस और टी आर एस के अहम प्रोग्राम्स

सियासी जमातें सैक़्यूलर होने और मुस्लिम अक़ल्लीयत के जज़बात के एहतिराम के दावे तो करती हैं लेकिन जब अमल का वक़्त आता है तो सूरत-ए-हाल मुख़्तलिफ़ होती है। 25 नवंबर को यौम-ए- आशूरा है और वो दिन रियासत की बरसर-ए-इक्तदार कांग्रेस पार्टी

सियासी जमातें सैक़्यूलर होने और मुस्लिम अक़ल्लीयत के जज़बात के एहतिराम के दावे तो करती हैं लेकिन जब अमल का वक़्त आता है तो सूरत-ए-हाल मुख़्तलिफ़ होती है। 25 नवंबर को यौम-ए- आशूरा है और वो दिन रियासत की बरसर-ए-इक्तदार कांग्रेस पार्टी और तेलंगाना रियासत की तशकील के बाद इक़तिदार का ख़ाब देखने वाली टी आर एस के लिए इमतिहान का दिन है।

इन दोनों जमातों ने उस दिन अपने अहम प्रोग्राम मुनाक़िद करने का फ़ैसला किया है। 25नवंबर को चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी के दो साल मुकम्मल होंगे। दो साल की तकमील पर सिटी कांग्रेस कमेटी की जानिब से बड़े पैमाने पर जश्न की तैय्यारी का आग़ाज़ होचुका है।

बताया जाता है कि उस दिन अवाम की ख़िदमत के लिए दुबारा वक़्फ़ होजाने के उनवान से एक जल्सा-ए-आम मुनाक़िद किया जाएगा जिस में चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी शिरकत करेंगे और दो साल की तकमील पर उन्हें तहनियत पेश की जाएगी।

दूसरी तरफ़ तेलंगाना राष़्ट्रा समीती ने नलगुनडा के सूर्या पैन में 25 नवंबर को तेलंगाना समुरा भेरी के उनवान से एक बड़े जल्सा-ए-आम की तैयारीयों का आग़ाज़ कर दिया है। इस जल्सा-ए-आम में तेलंगाना के 10 अज़ला से लाखों की तादाद में अवाम की शिरकत को यक़ीनी बनाया जाएगा।

क्या वज़ीर-ए-अक़लीयती बहबूद और कांग्रेस के अक़लीयती क़ाइदीन के ज़हन में ये बात नहीं थी कि 25 सितंबर को यौम आशूरा है, इसी तरह सूर्या पेट जलसा में अक़ल्लीयती की शिरकत कीमसाई करने वाले अक़लीयती क़ाइदीन ने भी शायद यौम आशूरा की एहमीयत को फ़रामोश कर दिया है ।

दोनों जमातें अगर अपने प्रोग्राम तबदील ना करें तो रियासत की एक बड़ी अक़ल्लीयत के जज़बात यक़ीनन मजरूह होंगे।

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