यौम जमहूरीया परेड फ़ौजी ताक़त और सक़ाफ़्ती मीरास का हैरान कुन मुज़ाहरा

यौम जमहूरीया परेड फ़ौजी ताक़त और सक़ाफ़्ती मीरास का हैरान कुन मुज़ाहरा
नई दिल्ली, २७ जनवरी (पी टी आई) मुल्क़ के 63 वें यौम जमहूरीया परेड के दौरान फ़ौजी ताक़त और हिंदूस्तानी तहज़ीब की मीरास का दमबख़ुद मुज़ाहरा किया गया। मुसल्लह अफ़्वाज और बगै़र आदमी वाले तैय्यारों के मुतास्सिर कुन करतब का अवाम की कसीर तादाद

नई दिल्ली, २७ जनवरी (पी टी आई) मुल्क़ के 63 वें यौम जमहूरीया परेड के दौरान फ़ौजी ताक़त और हिंदूस्तानी तहज़ीब की मीरास का दमबख़ुद मुज़ाहरा किया गया। मुसल्लह अफ़्वाज और बगै़र आदमी वाले तैय्यारों के मुतास्सिर कुन करतब का अवाम की कसीर तादाद ने मुशाहिदा किया।

सुबह की अव्वलीन साअतों में चलने वाली सर्द तरीन हवाओं के बावजूद अवाम की कसीर तादाद 8 किलो मीटर तवील परेड की राह पर इश्तेयाक़ और क़ौमी जज़बा के साथ मौजूद थी।

शानदार राजपथ मैदान की दोनों जानिब अवाम ने यौम जमहूरीया तक़ारीब और परेड का नज़ारा किया। मुल्क की जमहूरी तक़ारीब का रस्सीना हिलज़ से आग़ाज़ हुआ। फ़ौज के मुख़्तलिफ़ दस्तों ने मुल़्क की दिफ़ाई ताक़त का मुज़ाहरा करने के इलावा दीगर झांकियों ने हिंदूस्तान की हमा तहज़ीबी, कसीर उल-वजूद मीरास को रंगारंग अंदाज़ में पेश किया।

फ़ौजी महारत से आरास्ता और फ़न्नी कमालात के साथ जनरल ऑफीसर कमांडिंग (दिल्ली) लैफ़्टीनैंट जनरल वि के पिल्लई की ज़ेर क़ियादत फ़ौज और पुलिस के दस्तों ने काबुल फ़ख़र मार्च किया। सामा नवाज़ी की धुन पर राजपथ का मैदान मस्हूर कुन माहौल पैदा कर रहा था, जहां सदर जमहूरीया हिंद प्रतिभा पाटिल ने, जो मुसल्लह अफ़्वाज की सुप्रीम कमांडर भी हैं, परेड की सलामी ली।

इस परासर मार्च पास्ट का मुशाहिदा करने वालों में मेहमान ख़ुसूसी वज़ीर-ए-आज़म थाईलैंड नगलोक सैनू तरह, नायब सदर जमहूरीया हिंद हामिद अंसारी, वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह, वज़ीर-ए-दिफ़ा ए के अनटोनी, यू पी ए चेयर पर्सन सोनीया गांधी, फ़िज़ाईया के मार्शल अर्जुन सिंह, आली सयासी और फ़ौजी शख्सियतें शामिल हैं।

पुलिस और दीगर नियम फ़ौजी दस्तों ने यौम जमहूरीया तक़ारीब के लिए दार-उल-हकूमत दिल्ली को अमलन फ़सील बंद क़िला में तबदील कर दिया था। फ़िज़ा-ए-में चौकस हैली कापटर्स गश्त कर रहे थे। बुलंद इमारतों की छतों पर तेज़ निशाना बाज़, गहिरी नज़र रखने वाले सिपाही तैनात थे।

ज़मीन से फ़िज़ा तक सिक्योरिटी को सख़्त कर दिया गया था। परेड के आग़ाज़ से चंद मिनट पहले मनमोहन सिंह, ए के अनटोनी और तीनों ख़िदमात फ़ौज, बहरीया और फ़िज़ाईया के सरबराहों ने अमर जवान ज्योति पर फूल माला पेश करते हुए शहीदों को ख़राज अदा किया।

रिवायती तौर पर 21 तोपों की सलामी और क़ौमी पर्चमकुशाई के बाद सदर जमहूरीया प्रतिभा पाटिल ने सब से आली तरीन पुरअमन शुजाअत ऐवार्ड अशोक चक्क्र लैफ़्टीनेंट नवदीप सिंह को बाद अज़ मर्ग पेश किया, जो जम्मू-ओ-कश्मीर में अलाव सी से मुतास्सिर पाकिस्तान के दहश्तगरदों की दरअंदाज़ी की कोशिशों को नाकाम बनाने के दौरान शहीद हुए थे।

अशोक चक्र की पेशकशी के दौरान फ़िज़ा-ए-से चार MI-17 हैली काप्टर्स ने हज़ारों अवाम पर फूल बरसाए, इस के साथ ही परम वीर चक्क्र जीतने वालों की परासर परेड हुई। फ़ौज ने इस परेड में अपने दमबख़ुद करने वाले हथियारों का मुज़ाहरा किया। इस परेड में T-72 टैंकस, कैरीयर मोटर ट्रक्ड व्हीकल्स, मिज़ाईल लॉंचर्ज़, हमा मक़सदी राकेट निज़ाम पिंका को शामिल किया था। इस के इलावा न्यूक्लीयर बायलोजीकल केमीकल प्योरीफिकेशन निज़ाम और जैमर स्टेशन को भी पेश किया गया।

फ़ौज ने फ़िज़ाई ताक़त के इलावा तीन देसी साख़ता एडवांस हल्के हैली कापटर्स ध्रुव का फ़्लाई पास्ट भी किया गया। तीन हज़ार केलो मीटर फ़ासिला तक ज़रब लगाने की सलाहीयत रखने वाले तवील फासलाती अग्नी 4 मिज़ाईल को भी परेड में शामिल किया गया था। इस मिज़ाईल का गुज़श्ता साल नवंबर में कामयाब तजुर्बा किया गया है।

फ़ौजी ताक़त के दमबख़ुद मुज़ाहरा के दौरान अवाम ने तालियों की गूंज में सताइश की। मोटर साईकलों और दीगर गाड़ीयों पर भी सिपाहीयों ने करतब बाज़ी के मुज़ाहिरे किए। मार्च पास्ट में बी एस एफ़ के ऊंटों के दस्ते, आसाम राइफ़ल्ज़, कोस्ट गार्ड, सी आर पी एफ़, आई टी बी पी, सी आई एस एफ़, एस एस बी, आर पी एफ़, दिल्ली पुलिस, एन सी सी और एन एस एस ने भी हिस्सा लिया। मुख़्तलिफ़ रियास्तों की 23 झांकियां पेश की गईं। ये झांकियां 13 रियास्तों और 10 वज़ारतों से ताल्लुक़ रखती हैं।

इस परेड का एक अहम मरहला मग़रिबी बंगाल की झांकी थी, जिस ने 13 साल बाद परेड में हिस्सा लिया। इस झांकी में अमन का गहवारा शांति निकेतन के यूनीवर्सिटी टाउन को पेश किया गया, जो बैन-उल-अक़वामी सतह पर तालीमी और सक़ाफ़्ती विरसा, नीज़ रविंद्र नाथ टैगोर की क़ियामगाह के तौर पर मशहूर है। जम्मू-ओ-कश्मीर की झांकी में श्रीनगर के तामीराती विरसा की नुमाइश की गई। मुख़्तलिफ़ मर्कज़ी वज़ारतों के शोबों और महिकमों की झांकियां सामने आएं।

रेलवे की झांकी में पंजाब मेल को दिखाया गया, जिस की ख़िदमात को सौ साल पूरे हुए हैं। परेड के दौरान हमेशा की तरह इस साल भी सरहदी हिफ़ाज़ती दस्ते के जाँबाज़ों ने मोटर साईकल पर अपने करतब दिखाए। 30 मोटर साईकलों पर सवार 154 जवानों ने कई हैरतअंगेज़ कारनामे दिखाकर नाज़रीन को मबहूत कर दिया।

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