Tuesday , September 25 2018

रक्षामंत्री ने दिया विवादित बयान, कहा नोटबंदी से कश्मीर में पत्थरबाजी रूक गई

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर कहा है कि 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के चलते आतंकवाद का वित्तपोषण खत्म हो गया जिसके चलते कश्मीर सुरक्षा बलों पर पथराव रूक गया है। सोमवार पर्रिकर ने कहा कि इस साहसिक कदम के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं।

उन्होंने कहा कि इससे मादक द्रव्यों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। पहले दरें तय थीं। सुरक्षा बलों पर पथराव के लिए पांच सौ रूपये और अन्य कामों के लिए एक हजार रूपये मिलते थे। नोटबंद होने के बाद यह सब रूक गए हैं। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के वित्तपोषण को खत्म कर दिया है।

एक कार्यक्रम के आयोजित में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री के साहसिक कदम के बाद सुरक्षा बलों पर पथराव नहीं हो रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूं। उसके बाद पर्रिकर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले नोटबंदी से प्रभावित होंगे।

गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर के कुछ बयान पहले भी विवादों में रहे हैं। अभी हाल में उनके परमाणु बम पर दिए गए एक बयान की खासी आलोचना हुई थी। पर्रिकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि पहले प्रयोग नहीं (नो फर्स्ट यूज) की नीति के बजाय भारत यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका प्रयोग नहीं करेंगे। लेकिन उसके तुरंत बाद पर्रिकर अपने बातों पर सफाई देते हुए कहा था कि यह मेरा निजी विचार हैं। वर्ना कुछ कल यह खबर चला देंगे कि पर्रिकर ने न्यूक्लियर सिद्धांत में बदलाव कर दिए हैं। सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मेरे निजी विचार हैं।

उससे पहले रक्षमंत्री ने सर्जिकल स्‍ट्राइक के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रशिक्षण को क्रेडिट दिया था। उन्‍होंने कहा था कि महात्‍मा गांधी की धरती से आए प्रधानमंत्री और गोवा से आए रक्षामंत्री एक अलग तरह का कॉम्बिनेशन बनाते हैं। इस कॉम्बिनेशन ने भारतीय सेना के नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल स्‍ट्राइक करने का समर्थन किया। अहमदाबाद में निरमा यूनिवर्सिटी में ‘अपनी सेना को जानिए’ कार्यक्रम में पर्रिकर ने कहा था कि  मैं चकित रह जाता हूं कि महात्‍मा गांधी की धरती से आए प्रधानमंत्री और गोवा से आए एक रक्षामंत्री और सर्जिकल स्‍ट्राइक, स्थिति काफी… हो सकता है आरएसएस की शिक्षा के कारण ऐसा हुआ हो लेकिन यह अलग तरह का कॉम्बिनेशन था।

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