रजीउद्दीन रांची यूनिवर्सिटी के प्रोवीसी बने

रजीउद्दीन रांची यूनिवर्सिटी के प्रोवीसी बने
रांची 23 अप्रैल : रांची यूनिवर्सिटी के नये प्रोवीसी विनोबा भावे यूनिवर्सिटी जूलॉजी के प्रोफेसर व साबिक सीसीडीसी डॉ रजीउद्दीन बनाये गये हैं। जबकि कोल्हान यूनिवर्सिटी के प्रोवीसी के ओहदे पर जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की प्रोफेसर डॉ श

रांची 23 अप्रैल : रांची यूनिवर्सिटी के नये प्रोवीसी विनोबा भावे यूनिवर्सिटी जूलॉजी के प्रोफेसर व साबिक सीसीडीसी डॉ रजीउद्दीन बनाये गये हैं। जबकि कोल्हान यूनिवर्सिटी के प्रोवीसी के ओहदे पर जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज की प्रोफेसर डॉ शुक्ला मोहंती का इन्तखाब किया गया है। रांची कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एएन ओझा नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी के प्रोवीसी बनाये गये हैं। गवर्नर ने तीनों पर नाम पर अपनी मंजूरी दे दी है।

काबिले ज़िक्र है कि रांची यूनिवर्सिटी में डॉ वीपी शरण का मुद्दत अक्तूबर में ख़त्म होने के बाद से ओहदा खली था। वहीं कोल्हान यूनिवर्सिटी में डॉ पी लक्ष्मी बनर्जी के हटाये जाने के बाद से ओहदा खली था। नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी में डॉ रमेश पांडेय के इस्तीफा दे दिये जाने से ओहदा खली था। डॉ रजिउद्दीन संत कोलंबस कॉलेज में जंतुविज्ञान के प्रोफ़ेसर रहे हैं।

इन्होंने कई किताबें लिखी हैं। ये यूनिवर्सिटी में प्रॉक्टर व रजिस्ट्रार के भी इंचार्ज में रहे। रांची यूनिवर्सिटी व कोल्हान यूनिवर्सिटी में प्रोवीसी के इंतखाब के लिए गवर्नर के सतह पर तलाश कमेटी का क्याम किया गया था। इसके सदर झारखंड हाई कोर्ट के जज एनएन तिवारी बनाये गये थे।

जबकि रुकन के तौर में चीफ सेक्रेटरी, जेपीएससी के सदर व गवर्नर के चीफ सेक्रेटरी को रखा गया था। तलाश कमेटी ने छह नामों का पैनल गवर्नर के पास भेजा था। कई माह के बाद आख़िरकार 22 अप्रैल की देर शाम तीन नामों पर हतमी फैसला ले लिया गया। राजभवन की तरफ से नोटीफिकेशन भी जारी कर दी गयी।

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