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रांची के दहशतगर्दों ने ही कराये थे बोध गया में धमाके

बोध गया में सात जुलाई को हुए सीरियल धमाके की भी साजिश रांची में रची गयी थी। रियासत पुलिस के सीनियर अफसरों ने इसकी तसदीक़ की है। रांची पुलिस के साथ एनआइए और आइबी की टीम ने पीर के दिन हिंदपीढ़ी थाना इलाक़े के सेकेंड स्ट्रीट वाक़ेय इरम ल

बोध गया में सात जुलाई को हुए सीरियल धमाके की भी साजिश रांची में रची गयी थी। रियासत पुलिस के सीनियर अफसरों ने इसकी तसदीक़ की है। रांची पुलिस के साथ एनआइए और आइबी की टीम ने पीर के दिन हिंदपीढ़ी थाना इलाक़े के सेकेंड स्ट्रीट वाक़ेय इरम लॉज के कमरा नंबर-108 में छापामारी कर नौ टाइम बम, 12 टाइमर, 19 जिलेटिन और 25 डिटोनेटर बरामद किये थे। इस कमरे में ओरमांझी के चकला रिहायसी मुजिबुल रहता था। टीम ने कमरे से दो बंडल कागजात भी जब्त किये थे। इसमें बोध गया मंदिर का नक्शा भी था। एसएसपी साकेत कुमार सिंह ने बोध गया के मंदिर का नक्शा मिलने की तसदीक़ की है।

बताया जाता है कि लॉज में मिले टाइम बम में लोटस कंपनी की घड़ी का इस्तेमाल किया गया था। ऐसी ही घड़ी का इस्तेमाल बोध गया ब्लास्ट में किया गया था। कमरे से गांधी मैदान का भी नक्शा मिला था। इससे इस बात का पता चलता है कि बोध गया के अलावा पटना धमाकों की साजिश भी रांची के दहशतगर्दों ने रची थी।

पुलिस ने इस बात की तसदीक़ कर ली है कि दोनों जगहों पर ब्लास्ट की मंसूबा और टाइम बम रांची में ही बनाये गये थे। अब पुलिस और एनआइए की टीम इस बात का पता लगा रही है कि लॉज में मुजिबुल के कमरे से मिले नौ टाइम बम को दहशतगर्द कहां लगानेवाले थे। सेक्यूरिटी एजेंसियां कई ज़राये से इस बात की तहकीकात करने में जुटी हुई है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या रांची में किसी दूसरी जगह भी टाइम बम तैयार कर रखा गया है।

तफ़सीश में सामने आये हक़ीक़त

रांची और इर्दगिर्द का इलाका बना आइएम का मरकज़
रांची रिहायसी कुछ दहशतगर्द दूसरे रियासतों में भी हैं सरगर्म
रांची में ही बनाये जा रहे बम दी जा रही ट्रेनिंग

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