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रांची के मनोज सिंह भी मिशन में

भारत के मरीख मिशन में रांची के मनोज कुमार सिंह भी शामिल हैं। साल 2009 में बीआइटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में एमटेक करनेवाले मनोज कुमार सिंह इस मिशन के पावर सिस्टम ग्रुप में शामिल हैं। मनोज के वालिद मिथिलेश कुमार सिंह बिरसा ज़िराअत यू

भारत के मरीख मिशन में रांची के मनोज कुमार सिंह भी शामिल हैं। साल 2009 में बीआइटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में एमटेक करनेवाले मनोज कुमार सिंह इस मिशन के पावर सिस्टम ग्रुप में शामिल हैं। मनोज के वालिद मिथिलेश कुमार सिंह बिरसा ज़िराअत यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट थे।

मनोज दिसंबर 2012 से इसरो के बेंगलुरु वाकेय सेंटर में शिराकत दे रहे हैं। इनका काम इस मिशन के थर्मो बेट सिस्टम देखना था। यह सेटेलाइट में पावर डिस्ट्रीब्यूशन का काम करता है, जो अहम होता है। टीम के मेंबरों को इसके जरिये वैक्यूम कंडीशन में इसके कंट्रोल का वक़्त ब वक़्त ख्याल रखना होता है।

अलग-अलग इनवायरमेंट में यह कैसे काम करता है, इसका ख्याल पूरी टीम के जिम्मे था। सोलर और बैटरी से तैयार होनेवाले पावर का भी टीम के जिम्मे था। मेंबरों ने बताया कि वक़्त ब वक़्त पर टीम के डिप्टी प्रोजेक्ट डाइरेक्टर और प्रोजेक्ट डाइरेक्टर इसकी मॉनिटरिंग करते थे। मार्स ऑन ऑर्बिटर मिशन में पूरा पावर पैकेज चंद्रयान का लगाया गया है। इसके लांचिंग के लिए वक़्त कम होने की वजह इसका इस्तेमाल किया गया है। बताया जाता है कि चंद्रयान का पावर पैकेज बहुत ही अच्छा था।

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