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रांची ड्राई जोन में, ग्राउंड वाटर लेवल पहुंचा 500 फीट नीचे

रांची : दारुल हुकूमत रांची के कई ऐसे इलाक़े हैं जहां ग्राउंड वाटर की हालत बहुत खराब हो गई है। रांची समेत आठ जिले ऐसे हैं, जो ड्राई जोन बनने की तरफ गामजन हैं। दारुल हुकूमत में कई ऐसे इलाक़े थे, जहां बोरिंग कराने पर पहले 50 से 100 फीट में पानी मिल जाता था, लेकिन अब 200 से 700 फीट तक बोरिंग कराने के बाद भी पानी नहीं निकलता है। अगर कहीं निकलता भी है, तो छह महीने से एक साल के अंदर बोरिंग फेल हो जाता है।

झारखंड में ज़मीन के अंदर पानी के की सतह नीचे जाने पर मरकज़ी मुतल्लिक़ महकमा ने फिक्रमंद है। महकमा ने क़ौमी सतह पर ग्राउंड वाटर के तहफ़ूजात को लेकर दस्तूरुल अमल सख्त कर दिए हैं। तय मेयार के मुताबिक, नई सनअति यूनिटों की तरफ से ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल करना आसान नहीं होगा।

झारखंड में कई छोटी-बड़ी सनअति यूनीट या फैक्ट्री हैं, जो मौजूदा में मुखतलिफ़ जरिये से ज़मीन के अंदर के पानी का दोहन कर रही हैं। इससे ग्राउंड वाटर का लेबल कई जिलों में बेहद नीचे चला गया है। इसे देखते हुए पानी वसायल, नदी डेवलोपमेंट और गंगा तहफ़ूजात वुजरा की यूनीट मरकज़ी महकमा ने सख्त रुख अपनाया है, ताकि जमीन के अंदर पानी के गिरते सतह को रोका जा सके।

ग्राउंड वाटर की हालत

बरियातू जोन 200 से 250 फीट
कांके जोन 500 से 600 फीट
हरमू जोन 150 से 200 फीट
धुर्वा जोन 500 से 700 फीट
तुपुदाना जोन 600 से 700 फीट
रातू रोड जोन 300 से 400 फीट

 

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