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राजदूतों पर हो रहे अजीब हमले की वजह से क्यूबा में फिर दूतावास बंद करने की तैयारी में अमेरिका

वॉशिंगटन : क्यूबा में सालों बाद दूतावास शुरू करने वाला अमेरिका इसे फिर बंद कर सकता है। इस बार वजह है राजदूतों पर हो रहे अजीब हमले, जिसमें वे बहरे तक हो रहे हैं। कुछ समय पहले क्यूबा के हवाना स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक हमला हुआ। पिछले एक महीने से जारी इस हेल्थ अटैक के कारण अभीतक 21 से ज्यादा अमेरिकी राजनयिक बहरे हो चुके हैं और कुछ राजनयिक मानसिक बिमारी से ग्रस्त बताए जा रहे हैं। हवाना में स्थित इस दूतावास पर हो रहे हमलों के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जल्द से जल्द इस दूतावास को बंद करने का दबाव बढ़ने लगा है।

अमेरिका के शीर्ष राजदूतों का दावा है कि पिछले एक महीने से पहले से हवाना शहर में स्थित अमेरिकी दूतावास पर किसी रेडियोधर्मी अथवा सोनार तरंगों से हमला किया जा रहे है। इस हमले के कारण अमेरिकी दूतावास में रह रहे राजनयिकों का स्वास्थ खराब हो रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि हवाना दूतावास में रह रहे अभी तक 21 से ज्यादा राजनयिक इस सोनार तरंगों के हमले की चपेट में आ चुके हैं। कहा जा रहा है कि रहस्मयी तरंगों से घायल हुए राजनयिक बहरेपन की शिकायत कर रहे हैं और इसके अलावा उनकी मानसिक स्थिति भी खराब हो रही है। पिछले एक महीने में ये समस्या बढ़ गई है

अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने एक शो के दौरान यह कहा कि यूएस हवाना में अपने दूतावास को बंद करने पर विचार कर रहा है। पांच रिपब्लिकन सेनेटर्स के एक समूह ने टिलरसन को चिट्ठी लिख यह मांग की है कि क्यूबा में अमेरिकी दूतावास को बंद किया जाए जो कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के आखिर में खोला गया था। बराक ओबामा ने क्यूबा के साथ लगभग 50 साल के बाद कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे। इसके बाद ही 2015 में अमेरिका के दूतावास ने वहां काम करना शुरू किया था। अमेरिकी सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हवाना दूतावास में मौजूद उनके कर्मचारियों पर रहस्यमय हमले किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि, टिलरसन ने अपने बयान में यह जिक्र नहीं किया कि असल में राजदूतों के साथ क्या हुआ है। टिलरसन ने कहा, ‘हमारे राजदूत जिन परेशानियों से जूझ रहे हैं वह एक गंभीर मामला है। हम उनमें से कई लोगों को वापस घर ले आए हैं। अभी मामले की समीक्षा की जा रही है।’

अब तक इन हमलों से 21 राजनयिकों के प्रभावित होने की अमेरिका ने पुष्टि की है। अमेरिकी विदेश सेवा संगठन की मानें तो यह हमले साल 2016 के आखिर में ही शुरू हो गए थे। हमलों की वजह से राजनयिकों के दिमाग में सूजन, सिर में तेज दर्द, असंतुलन और संज्ञान खोने जैसे लक्षण भी देखे गए हैं। अमेरिकी जांचकर्ताओं का कहना है कि उनके राजनयिकों पर सीक्रिट सॉनिक हमले किए जा रहे हैं। यानी उनके राजनयिकों को एक ऐसे अडवांस्ड डिवाइस से निशाना बनाया जा रहा है जिसकी कोई आवाज नहीं होती लेकिन वह अपने आसपास के लोगों के कानों पर बहुत बुरा असर डालता है। ऐसा माना जा रहा है कि ऐसे डिवाइस अमेरिकी राजनयिकों के घर के बाहर और अंदर छोड़ दिए गए हैं।

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