Sunday , December 17 2017

राजनीतिक पार्टियों को आईटी कानून से अलग रखा गया, खाते में पुराने नोट जमा कराने पर कोई जाँच नहीं होगी

नई दिल्ली : वित्त सचिव अशोक लवासा ने शुक्रवार को जानकारी दी कि राजनीतिक पार्टियों को आयकर कानून से अलग रखा गया है| राजनीतिक दलों पर 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने पर कोई टैक्स  नहीं लगेगा|

राजस्व  सचिव हसमुख अधिया के मुताबिक़ राजनीतिक दलों के बैंक खातों में जमा रकम पर टैक्स  नहीं लगेगा|  उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि  किसी निजी व्‍यक्ति के खाते में पैसा है तो फिर उस पर कार्रवाई लेकिन अगर किसी राजनीतिक दल के खाते में पैसे हैं तो उन्हें  छूट है|  उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति  अपने निजी खाते में पैसा डालता है तो हमें उसकी जानकारी मिल जाएगी|
फिक्की के कार्यक्रम में  वित्त सचिव अशोक लवासा ने कहा कि 30 दिसंबर के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी | हालात नार्मल करने के लिए जो भी क़दम उठाने होंगे उठाये जायेंगे |  उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इस पर फैसला समीक्षा पूरी होने के बाद किया गया |

पुराने 500 और 1000 के नोटों को खातों में जमा करने का 30 दिसंबर  आखिरी दिन है |वहीं वित्त मंत्रालय ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंक खातों से पैसे निकालने की सीमा की 30 दिसंबर के बाद समीक्षा की जाएगी|  बैंक खातों से पैसे निकालने की सीमा सरकार ने प्रति सप्ताह 24,000 रुपये तय की है | प्रतिदिन 2,500 रुपये  एटीएम से निकाले जा सकते हैं|

गौरतलब है कि राजनीतिक दलों की उनकी आय को लेकर आयकर कानून की धारा 13ए 1961 के मुताबिक़ टैक्स  से छूट है| अधिया से किसानों के लिए पैन कार्ड किये जाने के सवाल परउ न्होंने  कहा कि किसान को फॉर्म 60 के जरिए ऐलान करना होगा कि उसकी कमाई ढाई लाख रुपये से कम है|  अगर वह फॉर्म 60 फाइल करता है तो पैन कार्ड नहीं देना होगा|  ऐसा नहीं करने पर पैन कार्ड देना होगा|

 

TOPPOPULARRECENT