Wednesday , December 13 2017

राज्यसभा इंतिख़ाब : इक्तिदार और ओपोजीशन में सीटों के लिए छीना-झपटी शुरू

राज्यसभा इंतिख़ाब को लेकर पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो गया है। झारखंड में राज्यसभा इंतिख़ाब में बार्गेन की सियासती होती है। प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल चलता है। हुकूमत चलाने के लिए कांग्रेस, झामुमो, राजद गलबहियां डाले घूम रहे हैं, लेकिन रा

राज्यसभा इंतिख़ाब को लेकर पॉलिटिकल ड्रामा शुरू हो गया है। झारखंड में राज्यसभा इंतिख़ाब में बार्गेन की सियासती होती है। प्रेशर पॉलिटिक्स का खेल चलता है। हुकूमत चलाने के लिए कांग्रेस, झामुमो, राजद गलबहियां डाले घूम रहे हैं, लेकिन राज्यसभा सीट के लिए मंजूरी नहीं बन रही है। हुकूमत के इत्तिहादी पार्टी ही एक-दूसरे के खिलाफ गोटियां चल रहे हैं।

सियासी मोल-तोल चल रहा है। एक सीट के लिए कांग्रेस, राजद और झामुमो में छीना-झपटी चल रही है। झामुमो ने मरहूम सुधीर महतो की बीवी सविता महतो का नाम आगे कर दिया है। झामुमो ने झारखंडी कार्ड चला है। भाजपा-आजसू को भी घेरा है। वहीं दूसरी तरफ राजद दबाव बनाये हुए है। लालू प्रसाद प्रेमचंद गुप्ता को लेकर संगीन हैं।

राजद ने दिल्ली में कांग्रेस के आला लीडरों तक अपनी दावेदारी पहुंचायी है। कांग्रेस अपने तरीके से चाल चल रही है। सियासी बिसात पर कांग्रेस ने अक्लियत गोटी फेंकने की तैयारी की है। आलमगीर आलम को उम्मीदवार बनाने पर मर्कज़ी कियादत ने हरी झंडी दी है। आलमगीर आलम ने नॉमिनेशन फोरम खरीद लिया है। यूपीए के अंदर अब तीन उम्मीदवारों के दरमियान खेल चलेगा। इधर, ओपोजीशन में भी मंजूरी नहीं बन पायी है। परिमल नथवाणी को लेकर भाजपा-आजसू को एक-दूसरे की चाल का इंतजार है। नथवाणी के नाम को लेकर ओपोजीशन का एक भी पार्टी आगे नहीं बढ़ रहा है।

राज्यसभा इंतिख़ाब को लेकर सस्पेंस अभी खत्म होनेवाला नहीं है। सियासी थियेटर में ड्रामा अभी चलेगा। सात फरवरी को वोटिंग होना है, तब तक सियासी दल मुहिम जोई बनाये रखेंगे। दो सीटों को लेकर सियासी मोल-तौल चलती रहेगी। पार्टियों के दरमियान बारगेनिंग होगी। सियासी उठा-पटक के खेल पर नॉमिनेशन तक बंदी नहीं लगेगा। हुकूमत के इत्तिहदी पार्टियों में भी आसानी से मंजूरी की गुंजाइश नहीं है।

फिर बढ़ी आज़ाद एसेम्बली अरकान की किरदार

राज्यसभा इंतिख़ाब में एक बार फिर आज़ाद एसेम्बली अरकान की किरदार बढ़ गयी है। इक्तिदार और ओपोजीशन में रंजिश के दरमियान आज़ाद अरकान का भाव बढ़ेगा। आज़ाद एसेम्बली रुक्न जिस पाले में बैठेंगे, उधर फॉर्मूला बदलेगा। राज्यसभा इंतिख़ाब में सियासी हालात तेजी से बदली है। छह आज़ाद एसेम्बली अरकान के एक-एक वोट पर उम्मीदवारों की नजर होगी।

TOPPOPULARRECENT