राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी, बहुमत हासिल करने में रही नाकाम

राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी, बहुमत हासिल करने में रही नाकाम
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राज्य सभा के लिए 58 नए सदस्यों और एक सीट के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया देश के 16 राज्यों में पूरी हो गई है। इन 58 सीटों में 25 सीटों के लिए चुनाव 6 राज्यों में कराए गए जबकि 10 राज्यों से 33 सदस्य बिना किसी विरोध के राज्य सभा पहुंच रहे हैं। अंतिम नतीजों के मुताबिक बीजेपी राज्य सभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

चुनाव के अंतिम नतीजों से देश की राजनीति किस करवट बैठेगी, क्या लोकसभा की तरह राज्य सभा में भी बीजेपी अपना वर्चस्व बनाएगी? यदि नहीं तो राज्य सभा की मौजूदा स्थिति का क्या असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों पर पड़ेगा?’ आइए जानते हैं आने वाले दिनों में बीजेपी की राजनीति पर इसका क्या असर होगा।

राज्य सभा के इन चुनावों में बीजेपी ने 29 सीटें जीती है, कांग्रेस को 9 सीटें मिली हैं, टीएमसी को 4 सीटें, जबकि टीआरएस-बीजेडी के हिस्से 3 सीटें आई हैं। टीडीपी और आरजेडी ने 2-2 सीटें और समाजवादी पार्टी, शिवसेना, एनसीपी और वाईएसआर कांग्रेस को एक-एक सीट मिली है।

सदन की बदली अंकगणित में बीजेपी को 10 सांसदों की संख्या का बड़ा फायदा हुआ है, इस फायदे से बीजेपी मौजूदा 58 सदस्यों के आंकड़े से बढ़कर 68 तक पहुंच गई है।

उसके साथियों को मिलाकर एनडीए का आंकड़ा 86 हो गया है. हालांकि यह आंकड़ा राज्यसभा में बहुमत के लिए जरूरी 123 सीटों से काफी नीचे है।

गौरतलब है कि मौजूदा चुनावों के बाद कांग्रेस को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, उसके पास 54 सीटें बनी हुई हैं। राज्य सभा में कांग्रेस के पास पहले भी ऊपरी सदन में 54 सांसद थे। कांग्रेस के सहयोगी दलों को मिला दें तो यूपीए का आंकड़ा 68 तक पहुंचता है।

लिहाजा, इस स्थिति में एक बात साफ है कि मौजूदा लोकसभा के कार्यकाल में बीजेपी के पास बहुमत नहीं है। इसके लिए उसे एक बार फिर 2019 के लोकसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत में आने के साथ-साथ 2018 और 2019 में होने वाले विधानसभा चुनावों में बढ़त बनानी होगी. ऐसी स्थिति में बीजेपी के लिए 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले अपने एजेंडा हिंदुत्व का साथ पकड़ना आसान नहीं होगा।

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