Friday , December 15 2017

रात में हो रही तामीर नहीं रोकते अफसर : अदालत

हाइकोर्ट ने दारुल हुकूमत में गैर कानूनी तरीके से बहुमंजिली इमारतों की तामीर को लेकर ओहदेदारों को फटकार लगायी है। अदालत ने कहा कि रात के अंधेरे में तामीर काम चल रहा है और इसे दिन में बंद कर दिया जाता है।

हाइकोर्ट ने दारुल हुकूमत में गैर कानूनी तरीके से बहुमंजिली इमारतों की तामीर को लेकर ओहदेदारों को फटकार लगायी है। अदालत ने कहा कि रात के अंधेरे में तामीर काम चल रहा है और इसे दिन में बंद कर दिया जाता है।

यह सब ओहदेदारों की जानकारी में हो रहा है। जस्टिस नवीन सिन्हा और विकास जैन के बेंच ने मंगल को नरेंद्र मिश्र की तरफ से दायर अवामी मुफाद दरख्वास्त की सुनवाई के दौरान शहर तरक़्क़ी महकमा और कु-ओपरेटिव महकमा के कामकाज पर भी तल्ख तबसीरह की। अदालत ने बुध को फिर से सुनवाई मुकर्रर किया है।

सुनवाई के दौरान शहर तरक़्क़ी महकमा के सेक्रेटरी और को-ऑपरेटिव के रजिस्ट्रार को मौजूद रहने के लिए कहा है। अदालत ने पाटलिपुत्र और एसके पुरी के थाना इंचार्ज को भी सुनवाई के दौरान मौजूद रहने का हुक्म दिया है। जज ने कहा कि ओहदेदारों ने अदालत के साथ वादाखिलाफी की है। बिल्डिंग ट्रिब्यूनल को चालू नहीं किया गया है। ट्रिब्यूनल के लिए गैर जरूरी अदालती ओहदेदार की तकर्रुरी नहीं की गयी है। थानेदारों के कामकाज पर भी तीखी तबसीरह की।

उन्होंने कहा कि अदालत को इस बात की भी जानकारी है कि थानेदार अपने हक़ इलाक़े से बाहर जाकर मकान की तामीर का कागजात मांगते हैं और इसके एवज में अपार्टमेंट मालिक का दोहन किया जा रहा है। मुजरिम अफसरों पर तौहीन का मुकदमा चलाया जायेगा। को-ओपरेटिव महकमा का हलफनामा तसल्ली बख्स नहीं है। इमदाद बहमी के नाम पर कारोबारी काम किये जा रहे हैं और अफसर खामोश हैं।

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