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रानी कुमोदनी मौजूदा ओहदे से ग़ैर मुतमइन

हैदराबाद 28 फरवरी: प्रिंसिपल सेक्रेटरी रुतबा की हामिल सीनीयर आई ए एस ओहदेदार श्रीमती रानी कुमोदनी की ख़िदमात तवक़्क़ो हीके बहुत जल्द मर्कज़ी हुकूमत के हवाला करदी जाएंगी क्योंके ख़ुद श्रीमती रानी कुमोदनी जो फ़िलवक़्त बहैसीयत प्रिं

हैदराबाद 28 फरवरी: प्रिंसिपल सेक्रेटरी रुतबा की हामिल सीनीयर आई ए एस ओहदेदार श्रीमती रानी कुमोदनी की ख़िदमात तवक़्क़ो हीके बहुत जल्द मर्कज़ी हुकूमत के हवाला करदी जाएंगी क्योंके ख़ुद श्रीमती रानी कुमोदनी जो फ़िलवक़्त बहैसीयत प्रिंसिपल सेक्रेटरी रियास्ती महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद के ओहदे पर फ़ाइज़ हैं महिकमा की कारकर्दगी से मुतमइन नहीं हैं, जिस की वजह से वो मर्कज़ी हुकूमत में अपनी ख़िदमात अंजाम देने से ख़ुसूसी दिलचस्पी का इज़हार कररही हैं और मर्कज़ी सतह पर अपनी ख़िदमात की अंजाम दही को यक़ीनी बनाने के लिए अपनी कोशिश मुकम्मल करली है।

सेक्रेटेरिएट के बावसूक़ ज़राए ने ये बात बताई और कहा गया कि जब श्रीमती रानी कुमोदनी सेक्रेटरी रुतबा के हामिल ओहदे पर फ़ाइज़ थीं तब उन्हें रियास्ती हुकूमत की तरफ से महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद के सेक्रेटरी की ज़िम्मेदारी सौंपी तो वो इन ख़िदमात को कुबूल करलीं लेकिन जब वो प्रिंसिपल सेक्रेटरीके ओहदे पर तरक़्क़ी पाइं तो उन्हें इसी महिकमा में बरक़रार रखते हुए उस महिकमा के ओहदे को सेक्रेटरी से ऊंचा करके प्रिंसिपल सेक्रेटरी ओहदे में तबदील किया गया, जिस की रोशनी में रियास्ती हुकूमत उन के साथ रवा रखे जाने वाले तर्ज़-ए-अमल से काफ़ी मायूस हैं।

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