Monday , December 11 2017

राप्ती-गंगा एक्सप्रेस की चपेट में टेंपो,20 की मौत

मुजफ्फरपुर से देहरादून जानेवाली सप्ताहिक राप्ती गंगा एक्सप्रेस की चपेट में टेंपो के आ जाने से 20 लोगों की मौत हो गयी है। वाकिया सेमरा स्टेशन के पास छपरा वहाब गुमटी पर हुआ। इसमें टेंपो पर सवार आठ बच्चों, चार ख़वातीन और सात मर्दों की म

मुजफ्फरपुर से देहरादून जानेवाली सप्ताहिक राप्ती गंगा एक्सप्रेस की चपेट में टेंपो के आ जाने से 20 लोगों की मौत हो गयी है। वाकिया सेमरा स्टेशन के पास छपरा वहाब गुमटी पर हुआ। इसमें टेंपो पर सवार आठ बच्चों, चार ख़वातीन और सात मर्दों की मौत हुई है। वाकिया की वजह गुमटी का खुला होना बताया जा रहा है। वाकिया के बाद से गुमटी मैन, ट्रेन का ड्राइवर और गार्ड सभी फरार हैं। ट्रेन के सुगौली में रुकना था, जो मौके से आठ किलोमीटर दूर था। इस वजह से ट्रेन पूरी रफ्तार में चल रही थी।

हादसे के बाद तकरीबन आधा किलोमीटर तक टेंपो ट्रेन के इंजन के साथ घिसटता गया। इसमें सवार दो बच्चियां अंजली और रितिका संगीन तौर से जख्मी हुई हैं। इन्हें इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेजा गया है। मौके पर रेलवे के साथ मुक़ामी इंतेजामिया अफसर भी पहुंच गये हैं। मुक़ामी लोगों ने पास में एनएच को जाम कर दिया है। इसके आलावा ट्रेन को भी घेरे हुये हैं।

जानकारी के मुताबिक, फेनहारा खड़परी गांव के नवल मिश्रा ने नया टेंपो खरीदा था। उसी की पूजा के लिए वनसप्ती माई के मुकाम पर आये थे। नवल मिश्रा की भतीजी सरिता की शादी वनसप्ती माई के पास के गांव चिकनौटा में हुई थी। इस वजह से वनकटवा से सरिता के साथ उसकी ससुराल के तकरीबन दर्जन भर लोग पूजा में शामिल होने के लिए आये थे। इनमें सरिता खुद भी शामिल थी। पूजा के बाद सब लोग चिकनौटा गांव जा रहे थे। वनसप्ती माई से तकरीबन आधा किलोमीटकर दूर पर छपरा वहाब गुमटी है।

गुमटी खुली होने की वजह से टेंपो लाइन पार करने लगा, लेकिन इसी दरमियान राप्ती गंगा एक्सप्रेस से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गये और वो ट्रेन के इंजन में फंस गया। इसके बाद तकरीबन पांच सौ मीटर तक घिसटता गया, तब जाकर कहीं ट्रेन रुकी। मौके पर कोहराम मच गया। जिस मुकाम पर टक्कर हुई है। वहां से जहां पर ट्रेन रुकी है, वहां तक लाशों के टुकड़े और खून बिखरा हुआ है। वाकिया की इत्तिला मिलते ही चिकनौटा के गाँव वाले मौके पर पहुंच गये, जब इन लोगों ने को पता चला कि टेंपों में गांव के लोग सवार थे, तब ये लोग गुस्सा हो गये। गाँव वालों ने चारों तरफ से ट्रेन को घेर लिया।

वहीं, संजय मली मौके से फरार हो गया। ट्रेन का ड्राइवर और गार्ड भी मौके से फरार हो गये। उनके बारे में किसी को पता नहीं चल पाया। वहीं, वाकिया की इत्तिला मिलने के बाद मुक़ामी इंतेजामिया अफसर मौके पर पहुंचे। डीएम अभय कुमार सिंह और एसपी सुधीर कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गये हैं। इसके अलावा रेलवे अफसर ओम प्रकाश भी मौके पर पहुंचे चुके हैं। वाकिया के जख्मी अंजली व रितिका कुमारी को इलाज के लिए एंबुलेंस से मोतिहारी भेजा गया है। लाशों को पोस्टमार्टम के भेज दिया गया है।

TOPPOPULARRECENT