राफेल डील के बारे में नहीं बताया जा सकता है- अरुण जेटली

राफेल डील के बारे में नहीं बताया जा सकता है- अरुण जेटली

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने कांग्रेस की ओर से राफेल विमान खरीदी डील में गड़बड़ी के आरोप को बेबुनियाद करार दिया है। सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में कहा कि हथियारों की डील को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राहुल गांधी ने झूठा विवाद खड़ा कर दिया है।

जेटली ने कहा कि कांग्रेस देश की सुरक्षा से समझौता कर रही है। हथियार की डील बताना राष्ट्रहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले प्रणब मुखर्जी से मिलना चाहिए। फिर राफेल डील पर कोई सवाल खड़ा करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विमानों की कीमत का खुलासा नहीं किया जा सकता है। चार सालों से साफ सुथरी सरकार चल रही है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा हुआ।

इससे पहले बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने भी कांग्रेस के आरोप को निराधार बताया था। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि राफेल डील में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। यह साफ सुथरी डील है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों कांग्रेस ने राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि राफेल विमान खरीदी में घपला हुआ है।

राहुल गांधी ने कहा कि इसका क्या मतलब है कि राफेल डील दो सरकारों के बीच है और उसकी कीमत नहीं बताई जा सकती। राहुल गांधी ने कहा कि इसका एक ही मतलब है कि ये एक घोटाला है, मोदी पेरिस गए और उन्होंने डील को बदल दिया।

इससे पहले रक्षा खरीद सम्बंधी तमाम नियम कायदों को ताक पर रखने के साथ ही कैबिनेट की सुरक्षा कमेटी से भी सौदे पर मुहर नहीं लगवाई गई। राहुल गांधी ने सीधे सीधे पीएम मोदी पर इसक लेकर आरोप लगाया है।

राहुल गांधी इतना ही नहीं राहुल गांधी ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधा है। राहुल ने कहा कि रक्षामंत्री कहती हैं कि सौदे के बारे में भारत, शहीद और उनके परिवार को विमान पर हुए खर्च का ब्यौरा नहीं देंगी। इसका सीधा सा मतलब हुआ कि घोटाला तो हुआ है।

बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ताओं और राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने राफेल डील में प्रति विमान करीब एक हजार करोड़ अधिक कीमत चुकाने का आरोप लगाया।

दावा किया गया है कि कि यूपीए सरकार 2012 में ही इस विमान के सौदे को अंतिम रूप दे चुकी थी, लेकिन मोदी सरकार ने इसे न सिर्फ बदल दिया बल्कि इस सौदे से एचएएल को बाहर कर एक निजी कम्पनी को लाभ पहुंचाया।

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