Tuesday , December 19 2017

‘राफेल डील’ दो सरकारों के बीच का सौदा है- अरुण जेटली

अहमदाबाद। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के राफेल सौदा पर पलटवार करते हुए कहा कि यह दो सरकारों के बीच का सौदा था। जेटली ने भाजपा मीडिया सेन्टर में शनिवार को कांग्रेस को कोसते हुए कहा कि केन्द्र में दस वर्षों तक होते हुए भी यूपीए सरकार इस सौदे को लेकर कोई निर्णय नहीं ले सकी।

देश के वायु सेना की आक्रामक क्षमता कमजोर हो रही थी। हमारी वायु सेना की प्राथमिकता थी कि राफेल लिया जाए। यह दो सरकारों के बीच का सौदा था।

मोदी सरकार में कुछ समय रक्षा मंत्री रह चुके जेटली ने कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि यह वह लेन-देन नहीं था जो कभी कांग्रेस के जमाने में होता था, जिसमें हरेक सौदे में बिचौलिया होता था। इस सौदे में कोई क्वोत्रोच्चि नहीं था। यह देश की वायु सेना की आक्रामक क्षमता को मजबूत करने के लिए सौदा था।

भाजपा के राज्य चुनाव प्रभारी जेटली ने राहुल पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा है कि इस सौदे को ढाई वर्ष बीत चुके हैं इसे लेकर अब तक किसी ने सवाल नहीं उठाया, लेकिन अप्रैल 2015 के सौदे का मुद्दा गुजरात चुनाव के समय राहुल को कैसे याद आ गया।

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