Friday , December 15 2017

रामगढ़, पलामू, गढ़वा में सूखे की हालत

झारखंड एसेम्बली की कमेटी सुखाड़ का जायजा लेने गढ़वा और पलामू जिले का दौरा करेगी। टीम की सदारत वज़ीर केएन त्रिपाठी करेंगे। हुकूमत ने एसेम्बली सेशन के आखिरी दिन बुध को एवान में इसकी ऐलान की। इससे पहले सुखाड़ पर खुसुसि बहस के दौरान व

झारखंड एसेम्बली की कमेटी सुखाड़ का जायजा लेने गढ़वा और पलामू जिले का दौरा करेगी। टीम की सदारत वज़ीर केएन त्रिपाठी करेंगे। हुकूमत ने एसेम्बली सेशन के आखिरी दिन बुध को एवान में इसकी ऐलान की। इससे पहले सुखाड़ पर खुसुसि बहस के दौरान वजीरे आला हेमंत सोरेन ने हुकूमत का मौकिफ रखा।

उन्होंने कहा सुखाड़ ऐलान करने के कई पैमाने हैं। बारिश और रोपा 50 फीसद से कम होने चाहिए। ग्रीन वेजीटेटिव इंडेक्स भी 40 फीसद से कम होना चाहिए। जमीन में नमी मियारी से 50 फीसद कम होनी चाहिए। इसमें से किसी तीन नुक्तों के पूरा होने पर ही सुखाड़ की ऐलान होती है। पलामू, गढ़वा और रामगढ़ को छोड़ कर बाक़ी जिलों में हालत ऐसी नहीं है।

कई जिलों में 100 फीसद से भी ज़्यादा बारिश हुई है। उन्होंने कहा सूखा के नज़रिये से यह अरली स्टेज है। पलामू और गढ़वा के लिए हुकूमत ने ओपसनल फसल मंसूबा तैयार की है। अनाजों का टेंडर हो गया है। जैसे ही हालात खराब होगी, हुकूमत ओपशनल अनाज मसूबा जमीन पर उतार देगी।

वजीरे आला ने कहा हुकूमत शमसी तूअनाई से डीप बोरिंग ऑपरेशन करनेवाली है। पहली बार में 50 प्रोजेक्ट लिया गया है। इसमें गढ़वा और पलामू जिले को तरजीह दी जायेगी। ज़ाती खेत में भी डीप बोरिंग कराने की सहूलत मिलेगी। ओवर हेड टैंक की तामीर भी कराया जा सकता है।

हुकूमत ने 2607 सरकारी तालाबों के तमीरे नु का फैसला लिया है। खाने की हिफाज़त एक्ट लागू करने की मुद्दत अक्तूबर महीने तक बढ़ा दी गयी है। रियासत में 50 लाख अहले खाना को इसका फाइदा दिया जाना है। रियासत में बारिश की यही हालत रही, तो किसानों के क़र्ज़ की वसूली भी रोक दी जायेगी।

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