राम के नाम पर बिहार से बंगाल तक हिंसा !

राम के नाम पर बिहार से बंगाल तक हिंसा !
सांकेतिक तस्वीर

रामनवमी के पर्व पर बिहार से पश्चिम बंगाल तक हिंसा की आग भड़क उठी है. पश्चिम बंगाल के रानीगंज इलाके में रामनवमी के जुलूस को लेकर दो समूहों के बीच संघर्ष हुआ. हिंसा के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं बिहार के समस्तीपुर में भी दो गुट भिड़े. इसी के चलते भारी तादाद में पुलिस बल की तैनाती की गई.

बता दें कि औरंगाबाद में भी रामनवमी की शोभायात्रा निकाले जाने के दौरान हिंसा हुई थी. अब हालात नियंत्रण में है लेकिन हालात की नजाकत को देखते हुए भारी पुलिस बल और तमाम आला अफसर अभी भी यहां डेरा डाले हुए हैं.

कैसे भड़की हिंसा?

सोमवार दोपहर बिहार के औरंगाबाद शहर के जामा मस्जिद इलाके से राम नवमी का जुलूस निकल रहा था. जुलूस में शामिल लोग डीजे पर नाच रहे थे. हाथों में लाठी और डंडे लहरा रहे थे. फिर कथित तौर पर इस जुलूस पर पथराव हुआ और फिर हिंसा भड़क गई. तीन दर्जन से ज्यादा दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया. सड़क पर गाड़ियों को आग लगा दी गई. पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया. आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को काबू करने की कोशिश हुई.

लेकिन इसके बावजूद कम से कम दस लोग घायल हो गए. तीन लोगों को गोली लगी. एक की हालत गंभीर है. घायलों में दोनों संप्रदायों के लोग मौजूद हैं. पुलिस ने इस हिंसा के लिए दोनों पक्षों के तकरीबन 150 लोगों को गिरफ्तार किया है.

एक्शन में पुलिस

हालात और बेकाबू होते उससे पहले ही नीतीश सरकार की पुलिस एक्शन में आ गई. बवालियों को काबू में लेने के लिए भारी संख्या में मौके पर जवानों को तैनात किया गया. अफसर बंद कमरों से निकल कर सड़क पर परेड करते देखे गए. इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई. इंटरनेट बंद कर दिया गया. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने लगे. दंगाईयों की पहचान की गई. पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की. अब हालात काबू में है.

बीजेपी का ममता सरकार पर वार

वहीं पश्चिम बंगाल में खराब हालात के लिए बीजेपी ममता सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है. बीजेपी नेताओं ने पुलिस कमिशनर के दफ्तर का घेराव किया तो आसनसोल से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ट्विटर पर ममता के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं. उन्होंने ममता सरकार को जेहादी सरकार बताया. उन्होंने आरोप लगाए कि रानीगंज में हिंसा का कारण पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करना है.

बता दें कि शोभायात्रा के दौरान हिंसा की आग मुर्शिदाबाद और बर्द्धमान जिलों में भी भड़की. कई जगहों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो हिंदूवादी संगठनों ने भी पुलिस टीम पर हमला कर दिया. ऐसी ही एक झड़प के दौरान पुलिस टीम के ऊपर बम फेंका गया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी के हाथों की उंगलियां उड़ गईं.

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