राम जन्मभूमि पर ही मंदिर बनेगी: आरएसएस

राम जन्मभूमि पर ही मंदिर बनेगी: आरएसएस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मर्कज़ी हुकूमत से कहा है कि वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने के रास्ते में आ रही कानूनी रुकावटें को जल्द से जल्द खत्म करे। साथ ही संघ ने वाजेह ( स्पष्ट) किया कि वह मुतनाज़ा ज़मीन पर अक्कलियाती ( Minority community)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मर्कज़ी हुकूमत से कहा है कि वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने के रास्ते में आ रही कानूनी रुकावटें को जल्द से जल्द खत्म करे। साथ ही संघ ने वाजेह ( स्पष्ट) किया कि वह मुतनाज़ा ज़मीन पर अक्कलियाती ( Minority community) के किसी ढांचे को कुबूल नहीं करेगा। विजयदशमी जश्न के मौके पर यहां संघ के सालाना जलसा से खिताब करते हुए चीफ मोहन भागवत ने कहा कि अक्कलियाती ( Minority / अल्पसंख्यको) के लिए कोई भी तामीर ‘अयोध्या की शकाफ्ती हुदूद (Cultural boundaries) के बाहर’ होना चाहिए।

मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए भागवत ने उत्तर प्रदेश और मर्कज़ी हुकूमत पर मुस्लिमों का साइड (पक्ष) लेने का इल्ज़ाम आइद किया। उन्होंने कहा, ‘रामजन्म भूमि से लगे वसीअ इलाके की ज़मीन को हसूल करके ( अधिग्रहण ) उस पर मुस्लिमों के लिए बहुत बड़ा ढांचा बनाने की तैयारियां की जा रही हैं। रियासती हुकूमत यह ज़मीन कबजे (अधिग्रहण) कर रही है और वहां मर्कज़ी हुकूमत ढांचा बनाने के लिए रकम मुहैया कराने की तैयारी कर रही है।’

भागवत ने कहा, ‘राम जन्मभूमि पर मंदिर तामीर का मुद्दा अदालत में ज़ेर ए गौर है, ऐसे में रियासत और मर्कज़ी हुकुमतों की तरफ से किए जा रहे गैर जिम्मेदाराना कोशिश करोड़ों हिंदुओं की जज़बातों को ठेस पहुँचाने वाले हैं। इससे मुल्क में भाईचारे का माहौल खराब होगा।’

उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर, 2010 को जो फैसला दिया था, संसद को उसे कानूनी जामा पहनाने की दिशा में काम करना चाहिए। हमेशा दोस्ताना ढंग से ही इस मामले को सुलझाया जा सकता है।

कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को आजाद कराया जाना चाहिए। भागवत के मुताबिक जम्मू, लेह, लद्दाख और कश्मीर घाटी में प्रशासनिक और तरक्की के मुद्दों पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने की जरूरत है। इन इलाकों को भी मुल्क के बाकी हिस्से में लागू कानून के तहत लाया जाना चाहिए। जिन हिंदुओं को वहां से अपने घर छोड़ने पड़े, उन्हें वहां लौटने के लिए तहफ्फुज़ ( सुरक्षा) फराहम की जानी चाहिए। उन्होंने इल्ज़ाम लगाया कि रियासत में सत्ता की भूखी पार्टियां औरमर्कज़ी हुकूमत कौमी मुफाद (देश के फायदे) को अनदेखा कर रही हैं।

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