राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामला: समाधान के लिए युवाओं से क्यों नहीं लेते सलाह?

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामला: समाधान के लिए युवाओं से क्यों नहीं लेते सलाह?
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राष्ट्रीय जनता कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता संसद मार्ग पर राम मंदिर-बाबरी मस्जिद समाधान के लिए युवा पीढ़ी और शिक्षित वर्ग को सलाह देने से वंचित रखने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए! (फ़ोटो: हामिद अली)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता कांग्रेस पार्टी की ओर से दिल्ली में संसद मार्ग पर मानव श्रंखला बनाकर पुरजोर तरीके से देश की अत्याधिक ज्वलंत समस्या राम मंदिर-बाबरी मस्जिद समस्या का समाधान बताया. यह सामाजिक, राजनीतिक परिदृश्य और धार्मिक भावनाओं की मिली जुली समस्या है.

देश की आज़ादी के समय में भी इस विषय से संबंधित सभी पक्षों की राय तथा उनके मत के विषय में नहीं सोचा गया. उस समय की युवा पीढ़ी एवं शिक्षित वर्ग को भी इस विषय में सलाह देने से भी वंचित रखा गया.

आज़ादी से लेकर अब तक आज तक की किसी भी केंद्रीय सरकार ने इस विषय को गंभीरता और बुद्धिमता से इसका समाधान करने में कोई भी कारगर कदम नहीं उठाया है. दुर्भाग्यवंश वर्तमान केंद्रीय सरकार ने भी अभी तक कोई भी ऐसा एक भी कदम किसी भी रूप में नहीं लिया है जिससे इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकें बल्कि इस समस्या को ज्वलंत रूप दिया हुआ है.

राष्ट्रीय जनता कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता संसद मार्ग पर राम मंदिर-बाबरी मस्जिद समाधान के लिए युवा पीढ़ी और शिक्षित वर्ग को सलाह देने से वंचित रखने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए! (फ़ोटो: हामिद अली)

वर्तमान केंद्रीय सरकार के इस आचरण के कारण माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी अब तक इस समस्या का निवारण नहीं कर पाई है. विगत समय में देखा गया है कि कुछ धार्मिक व्यक्ति भी अपने निजी स्वार्थों को पूरा करने तथा व्यक्तिगत प्रसिद्धि प्राप्त करने हेतु अनावश्यक रूप से इधर-उधर घुमते रहते हैं परन्तु उनके पास इस समस्या का स्थायी समाधान करने हेतु योजना नही है.

राष्ट्रीय जनता कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद समस्या का स्थायी समाधान ढूँढने हेतु यह आवश्यक है कि भारत देश की युवा पीढ़ी के मतों को भी आमंत्रित किया जाए तथा फिर बहुसंख्यक मत पर विचार किया जाए. वर्तमान समय में सम्पूर्ण भारत वर्ष में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है और किसी भी प्रकार के ऐसे फैसले से जिससे कि युवा पीढ़ी का भविष्य प्रभावित होता हों तो उसके लिए युवाओं की भागेदारी को सुनिश्चित किया जाए.

राष्ट्रीय जनता कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीव गोयल केंद्रीय सरकार से मांग करतें हैं कि किसी पब्लिक डोमेन पर या विशेष वेबसाइट बनाकर युवाओं को अपने विचार प्रकट करने की सुविधा प्रदान कराई जाए और जो भी विचार बहुमत का होगा उससे माननीय सर्वोच्च न्यायालय को इस समस्या के स्थायी निदान के लिए अवगत कराया जाए.

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