राम मंदिर हमारा है, सरकार को कोई भी अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं- शंकराचार्य स्वरूपानंद

राम मंदिर हमारा है, सरकार को कोई भी अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं- शंकराचार्य स्वरूपानंद

जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा है कि राम मंदिर हमारा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है, जो हमारी जीत है। लेकिन हाइकोर्ट के फैसले में एक टुकड़ा मस्जिद को देने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट में है। इस पर सुप्रीम कोर्ट जल्द ही फैसला दे देगा। इसलिए केंद्र सरकार को अध्यादेश लाने की जरूरत नहीं है।

राम जन्म भूमि से मुस्लिमों का कोई लेना-देना नहीं है। यहां पर मस्जिद का कोई भी प्रमाण नहीं पाया गया है। इसी कारण हाइकोर्ट ने राम मंदिर बनाने के पक्ष में फैसला दिया था। शंकराचार्य शनिवार को चाईबासा के रूंगटा गार्डेन में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा- मंदिर बनाने का काम रामभक्तों व साधु-संतों पर छोड़ देना चाहिए। इसके लिए 25, 26 व 27 नवंबर को बनारस में धर्म संसद का आयोजन किया गया है। इसमें देश के सभी शंकराचार्य व साधु-संत हिस्सा लेंगे। शंकराचार्य ने कहा- मंदिर व मस्जिद अलग-अलग बनने चाहिए। चूंकि हमारे मंदिर में घंटी भी बजती है, शंख भी बजता है।

इससे मुस्लिमों को परेशानी होगी। वे बार-बार चुप रहने को कहेंगे। इससे विवाद बढ़ेगा। हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। सत्ता में आने के बाद हर पार्टी को इसकी शपथ लेनी पड़ती। इस कारण कोई भी पार्टी सत्ता में रह कर मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या गुरुद्वारा नहीं बना सकती। उन्होंने कहा- शहर के नाम बदल जाने से हमारी स्थिति में परिवर्तन नहीं आनेवाला।

साभार- ‘प्रभात खबर’

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