Saturday , December 16 2017

राहुल का बयान मनमोहन को पड़ा भारी, बीजेपी ने मांगा पीएम का इस्तीफा

दो साल या अधिक की सज़ा पाए MPs की मेम्बरशिप को बचाने के लिए लाए गए आर्डिनेंस पर कांग्रेस के नायब सदर राहुल गांधी का गुस्सा वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह के लिए भारी पड़ गया | सियासी गलियारों में चर्चा है कि सदर जम्हूरिया के इनकार से होने वाली

दो साल या अधिक की सज़ा पाए MPs की मेम्बरशिप को बचाने के लिए लाए गए आर्डिनेंस पर कांग्रेस के नायब सदर राहुल गांधी का गुस्सा वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह के लिए भारी पड़ गया | सियासी गलियारों में चर्चा है कि सदर जम्हूरिया के इनकार से होने वाली फजीहत से बचने के लिए एक हिक्मत ए अमली के तहत बोल्ड इमेज बनाने के लिए ही बेहद ड्रामायी के साथ राहुल ने ये बयान देकर अपने इंतेखाबी हरीफो को पीछे छोड़ने की कोशिश की है |

वहीं राहुल के मुखालिफत को नौटंकी करार देते हुए बीजेपी ने वज़ीर ए आज़म के इस्तीफे की मांग कर दी पार्टी ने कहा कि अगर आर्डिनेंस के लिए जिम्मेदार लोग बने रहते हैं तो राहुल की मुखालिफत सिर्फ दिखावटी ही मानी जाएगी | बीजेपी के इलावा दिगर अपोजिशन पार्टियों ने भी राहुल के बयान पर निशाना साधा है |

गौरतलब है कि कैबिनेट में लिया गया फैसला जहां पूरी हुकूमत का होता है वहीं चीफ या सरबराह होने के नाते वज़ीर ए आज़म सबसे आगे खड़े होते हैं बीजेपी सदर राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर यह आर्डिनेंस बेकार है तो यूपीए हुकूमत के दूसरे फैसलों पर राहुल की क्या राय होगी | राहुल का बयान सिर्फ यह दिखाता है कि कांग्रेस और यूपीए पार्टियों के इलावा पार्टी के अंदर भी इख्तेलाफात हैं |

पार्टी की तर्जुमान मीनाक्षी लेखी ने कहा कि राहुल इस तरह का ड्रामा या नौटंकी करते रहे हैं पहले उत्तर प्रदेश में एक रैली के दौरान गुस्से में कागज फाड़ दिया था अब आर्डिनेंस को फाड़ने की बात कर रहे हैं, लेकिन अगर उन्हें सजायाफ्ता MPs को बचाने ‍से ऐतराज़ था तो इतनी देर तक क्यों चुप रहे | बीजेपी ने सदर जम्हूरिया के पास जाकर इसकी मुखालिफत की तो राहुल को भी साथ जाना चाहिए था | जब एहसास हुआ कि सदर जम्हूरिया आर्डिनेंस को लौटाने वाले हैं तो क्रेडिट लूटने के इरादे से मुखालिफत कर दी |

मीनाक्षी ने कहा कि, वज़ीर ए आज़म राहुल की कियादत में काम करने की ख्वाहिश जताते रहे सुपरकॉप अब सामने आ गया है तो वज़ीर ए आज़म को हट जाना चाहिए |

आर्डिनेंस पर राहुल के हमले पर जवाद देते हुए बारू ने कहा, बस बहुत हो गया अब मनमोहन सिंह को अपने ओहदे को छोड़ देना चाहिए | यह हुकूको की नाफरमानी है, क्योंकि जिस तरह से कैबिनेट के फैसले को बकवास बताया गया है और उसे फाड़कर फेंकने को कहा गया है | सीनीयर एडीटर ने कहा कि , हुकूमत के फैसले पर इस तरह के इल्ज़ाम, जिसे वाजेह तौर पर पार्टी की सलाह से लिया गया है हुकूको की नाफरफानी के बराबर है |

उधर, वज़ीर ए आज़म मनमोहन सिंह ने राहुल के बयान पर अमेरिका से पहले रद्दे अमल में कहा है कि मुल्क लौटकर वो बयान से पैदा हुए हालात पर कैबिनेट में गुफ्तुगू करेंगे उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें इस मसले पर जानकारी दी है कांग्रेस में नंबर दो और पार्टी के नायब सदर राहुल गांधी ने जुमे के दिन एक प्रेस कांफ्रेंस में ड्रामाई अंदाज़ में दागी MPs के बचाव के लिए अपनी ही हुकूमत के लाए आर्डिनेंस को बकवास करार देते हुए कहा कि इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए |

—————-बशुक्रिया: पल पल इंडिया

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