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राहुल ने यूएस में बताया बेरोजगारी दूर करने का फॉर्मूला

न्यूयॉर्क : राहुल गांधी फिलहाल यूएस के दौरे पर हैं। बुधवार की रात को उन्होंने न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक टाइम्स स्क्वायर के पास एक होटल में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों, बेरोजगारी, देश में हो रही हिंसक घटनाओं और इन्टॉलरेंस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन चीजों से दुनिया में भारत की इमेज बिगड़ रही है। राहुल ने बेरोजगारी से निपटने का फॉर्मूला भी दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा। इससे पहले राहुल प्रिंसटन और बर्कले यूनिवर्सिटी में स्पीच दे चुके हैं। राहुल ने कहा- कांग्रेस का पास विजन है.

राहुल गांधी ने कहा- ” बेरोजगारी की प्रॉब्लम इसलिए बढ़ रही है, क्योंकि आजकल सिर्फ 50-60 कंपनियों पर ही फोकस किया जा रहा है। अगर, रोजगार बढ़ाने हैं तो छोटी और मझोली कंपनियों को भी बढ़ावा देना होगा। एग्रीकल्चर स्ट्रैटजिक असेट है, हमें इंडियन एग्रीकल्चर सेक्टर को मजबूत बनाने की जरूरत होगी। भारत की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक श्वेत क्रांति है, जिसे एनआईआर श्री कुरियन जी ने संभव बनाया।”

” हर रोज 30 हजार नये लोग भारत में रोजगार के लिए आ रहे हैं, लेकिन केवल 450 लोगों को ही रोजगार मिल रहा है। बेरोजगारी का समाधान करना होगा और कांग्रेस पार्टी के पास विजन है।”

“यदि हम अपने IIT’s को उद्योगों और दुनिया के दूसरे देशों से जोड़ते हैं, तो ये उम्दा संस्थान साबित हो सकते हैं।”

राहुल गांधी ने बुधवार को अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में स्पीच दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प और भारत में नरेंद्र मोदी को लोगों ने इसलिए चुना कि बेरोजगारी से जूझ रहे थे। लेकिन दुख इस बात का है कि मोदी भी बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं कर पाए। बता दें कि राहुल गांधी दो हफ्ते के अमेरिका दौरे पर हैं।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, राहुल ने कहा कि इम्प्लॉइमेंट को एम्पावरमेंट के तौर पर भी समझ सकते हैं। इसके जरिए भारत के लोग देश को मजबूत करते।

“मुझे लगता है कि मोदी और ट्रम्प के सत्ता में आने की प्रमुख वजह दोनों देशों में बेरोजगारी का होना ही रहा। हमारी एक बड़ी आबादी के पास नौकरी नहीं है और उसे आने वाले वक्त में भी जॉब की संभावना नहीं दिखती। उन्हें इसी बात का दुख है। लोगों ने दोनों नेताओं को इसलिए सपोर्ट किया कि वे देश में नई नौकरियां लाएंगे।”

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