Wednesday , November 22 2017
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रिन्यू होने के अगले ही दिन गृहमंत्रालय ने तीस्ता सीतलवाड़ के एनजीओ का लाइसेंस किया कैंसिल

AFP/GETTY IMAGES Teesta Setalvad.

नई दिल्ली : विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा चलाए जा रहे एनजीओ का लाइसेंस रिन्यू किया गया|  लेकिन गृह मंत्रालय ने रिन्यू होने के दूसरे दिन  बुधवार को गृह मंत्रालय ने इसे कैंसिल कर दिया|

मंत्रालय ने एनजीओ के लाइसेंस को रिन्यू से पहले ही मंत्रालय ने दूरी बना ली थी, मंत्रालय ने कहा था कि आवेदन कुछ महीने उस वक्त किया गया था, जब आईएएस अधिकारी जीके द्विवेदी ज्वाइंट सेक्रेट्री थे| द्विवेदी को एफसीआरए डिविजन से सितंबर महीने में जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर हुए विवाद के बाद हटा दिया गया था|
सरकार ने बुधवार को बताया कि एफसीआरए के प्रावधानों के उल्लंघन के कारण पिछले तीन साल के दौरान दस हजार से अधिक एनजीओ का रजिस्ट्रेशन केंसिल किया गया| केवीपी रामचंद्र राव के एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने दी|  उन्होंने कहा कि 2013-14 से 2015-16 के दौरान एफसीआरए के प्रावधानों और उनके तहत बनाए गए नियमों के उल्लंघन के कारण दस हजार से अधिक एनजीओ का पंजीकरण रद्द किया गया था| उन्होंने बताया कि 16 हजार से अधिक संगठनों ने रजिस्ट्रेशन के रिन्यू के लिए 30 जून 2016 की स्थिति के अनुसार 16 हजार से अधिक संगठनों ने रजिस्ट्रेशन के रिन्यू के लिए आवेदन किया था और उनमें से 15 हजार से अधिक संगठनों को रिन्यू किया गया है|

सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस नाम से एक एनजीओ तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद चला रहे हैं |  2002 के दंगा पीड़ितों के लिए दिए गए फंड का गलत इस्तेमाल करने का आरोप इस एनजीओ पर आरोप लगा था | इसके बाद पिछले साल जुलाई में गृहमंत्रालय ने इसे पीपी कैटेगरी के तहत डाल दिया|  इस कैटेगरी के तहत कोई भी एनजीओ को डोनेशन लेने से पहले हर बार गृहमंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी|  एनजीओ अभी भी पीपी कैटेगरी के तहत है इस बात का ज़िक्र रिन्यू किए गए लाइसेंस में नहीं था |जावेद आनंद ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘हमें सेंटर फॉर जस्टिस एंड पीस के लिए रिन्यू लाइसेंस मिला है। उसमें इसका कोई जिक्र नहीं है कि एनजीओ अभी भी पीपी कैटेगरी के तहत है|

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