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रिम्स में ऑपरेशन के लिए भी वेटिंग

रांची 8 जून : रियासत के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में ऑपरेशन के लिए भी वेटिंग चल रही है। मरीज महीनों से भरती हैं और अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें दर्जनों मरीज ऐसे हैं, जिनकी हालत नाजुक है और फौरी तौर पर ऑपरेशन नहीं हुआ, तो उनक

रांची 8 जून : रियासत के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में ऑपरेशन के लिए भी वेटिंग चल रही है। मरीज महीनों से भरती हैं और अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें दर्जनों मरीज ऐसे हैं, जिनकी हालत नाजुक है और फौरी तौर पर ऑपरेशन नहीं हुआ, तो उनकी हालत और तशवीशनाक हो सकती है। कई ऐसे मरीज हैं, जो वार्ड में कई महीने से भरती हैं, लेकिन उनका ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है।

मरीज और उनके घरवाले डोक्टरों से फरियाद लगा कर थक चुके हैं, लेकिन ऑपरेशन कब होगा, डॉक्टर उन्हें तारीख नहीं दे रहे हैं। इधर, इस सूरतेहाल के लिए इंतज़ाम की तरफ से कई वजहें बतायी जा रही हैं. जैसे : मरीजों का ज्यादा लोड बढ़ना, डोक्टरों की कमी, सेहत सेंटर और सदर अस्पताल में मरीजों को पहले भरती न कर डायरेक्ट रिम्स में भरती कराना वगैरह।

इलाज से ज्यादा खाने में खर्च

कई महीने तक ऑपरेशन नहीं होने से खानदानों को मरीजों के इलाज से ज्यादा उनकी देखभाल में खर्च करना पड़ रहा है। मरीजों को खाना तो मिल जाता है, लेकिन उनके घरवालों को अपने खाने की इंतज़ाम खुद करनी पड़ती है। सांझा चूल्हा में खाना बनाने के लिए दोनों वक्त 50 रुपये का खर्च आता है। राशन और सब्जी में 40 से 50 रुपये का खर्च आता है। यानी एक मरीज के अहले खाना को एक दिन खाने पर 100 रुपये का खर्च आ रहा है।

कई रियासतों के मरीज भी इंतजार में

रिम्स में छत्तीसगढ़, बिहार, बंगाल एवं ओड़िशा के भी मरीज भरती हैं। जल्द इलाज की उम्मीद लेकर वे यहां आये हैं, लेकिन कई महीने से इंतजार कर रहे हैं। कई के पास पैसा खत्म हो चुका है और अब वे बिना ऑपरेशन कराये लौटने की तैयारी कर रहे हैं। मालूम हो कि रिम्स में दीगर रियासतों से करीब 100 से 150 मरीज हर महीने रिम्स में इलाज कराने आते हैं।

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