Sunday , December 17 2017

रियल स्टेट शोबे को चार साला तात्तुल के बाद दुबारा तरक़्क़ी

हैदराबाद में रिहायशी इमारतों (अपार्टमंट्स) की तामीरात और रियल स्टेट का कारोबार 2009 से तात्तुल-ओ-ग़ैर यक़ीनी का शिकार रहने के बाद अब तवक़्क़ो हैके दुबारा मुतहर्रिक होजाएगा।

हैदराबाद में रिहायशी इमारतों (अपार्टमंट्स) की तामीरात और रियल स्टेट का कारोबार 2009 से तात्तुल-ओ-ग़ैर यक़ीनी का शिकार रहने के बाद अब तवक़्क़ो हैके दुबारा मुतहर्रिक होजाएगा।

हाउज़िनग और रियल स्टेट मार्किट सरगर्मीयों में काबुल लिहाज़ इज़ाफ़ा होसकता है क्यूंकि मसला तेलंगाना इस ज़िमन में तात्तुल और ग़ैर यक़ीनी की अहम वजह था, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने पिछ्ले रोज़ अलहदा तेलंगाना के क़ियाम के बारे में अपने फ़ैसले का एलान कर दिया है।

हाउज़िनग-ओ-रियल स्टेट तजज़िये के माहिर इदारा कराईसल ने अपने बयान में कहा कि चार साल के तात्तुल के बाद हैदराबाद में रिहायशी रियल स्टेट क़ीमतों में तेज़ रफ़्तार इज़ाफ़ा होसकता है क्यूंकि अलहदा तेलंगाना के क़ियाम के फ़ैसला का एलान कर दिया गया है और हैदराबाद को 10 साल के लिए ख़ुसूसी मौक़िफ़ दिया गया है यानी शहर हैदराबाद को दोनों रियास्तों के मुशतर्का दार-उल-हकूमत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

तहक़ीक़-ओ-तजज़िया के इस माहिर इदारे ने कहा है कि तेलंगाना एजीटेशन के सबब 2009 से हैदराबाद में रिहायशी सरमाया कारी की क़दर-ओ-क़ीमत इंजिमाद का शिकार होगई थी और कई संजीदा सरमाया कार इस सूरत-ए-हाल में बैंगलौर और चेन्नाई का रुख़ कररहे थे।

लेकिन अब सरमाया कारों की चेन्नाई, बैंगलौर या पुने को मुंतक़ली में कमी होगी नीज़ हैदराबाद में रिहायशी सरमाया कारी की रफ़्तार में इज़ाफ़ा होगा।

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