Sunday , December 17 2017

रियासती आज़मीन हज के पहले क़ाफ़िला की आज रवानगी।

चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी क़ाफ़िले को रवाना करेंगे , हज हाइज़ में तमाम इंतिज़ामात मुकम्मल

चीफ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी क़ाफ़िले को रवाना करेंगे , हज हाइज़ में तमाम इंतिज़ामात मुकम्मल
हैदराबाद । चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर एन किरण कुमार रेड्डी रियासत आंध्रा प्रदेश के आज़मीन-ए-हज्ज के पहले क़ाफ़िले को /6 अक्टूबर की शाम 5.30 बजे हज हाइज़ से रवाना करेंगे ।

रियास्ती वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद जनाब मुहम्मद अहमद अल्लाह ने ये बात बताई । उन्हों ने बताया कि चीफ़ मिनिस्टर ने पहले क़ाफ़िले को रवाना करने की ख़ाहिश का इज़हार किया है इसी लिए कैंप का अमली इफ़्तिताह(शुरुआत) भी चीफ़ मिनिस्टर के हाथों अमल में आएगा ।

क़ब्लअज़ीं जनाब मुहम्मद अहमदउल्लाह , जनाब मुहम्मद अली शब्बीर साबिक़ रियास्ती वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद ,मौलाना ग़ुलाम सय्यद शाह अफ़ज़ल ब्याबानी ख़ुसरो पाशाह , जनाब सय्यद ख़लील उद्दीन अहमद सदर नशीन हज कमेटी ने ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए बताया कि आज़मीन-ए-हज्ज की रवानगी के तमाम तर तैय्यारीयां मुकम्मल(पुरी) करली गई हैं।

जनाब मुहम्मद अहमदअल्लाह ने बताया कि रियासत के वाहिद रवानगी के मर्कज़ हैदराबाद से तक़रीबन 8 हज़ार 400 आज़मीन-ए-हज्ज की रवानगी अमल में आएगी । जिस में रियासत कर्नाटक के आज़मीन भी शामिल हैं । वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद ने बताया कि हज हाइज़ में आज़मीन-ए-हज्ज की रिहायश , ताम के इलावा दीगर इंतिज़ामात इतमीनान बख़श तौर पर मुकम्मल कर लिए गए हैं । इलावा अज़ीं हसब-ए-साबिक़ उल्मा इकराम आज़मीन-ए-हज्ज को रवानगी से क़बल ख़ुसूसी ख़िताब करेंगे ।

जनाब मुहम्मद अहमद अल्लाह ने बताया कि आज़मीन-ए-हज्ज की रवानगी आर टी सी बस के ज़रीया अमल में आएगी । हज हाइज़ से अर पोर्ट पहूँचाने के लिए ख़िदमात अंजाम देगी ।जनाब मुहम्मद अली शब्बीर ने इस मौक़ा पर ज़राए इबलाग़ के नुमाइंदों से बातचीत करते हुए आज़मीन-ए-हज्ज से ख़ाहिश कि वो हरमैन शरीफ़ैन में ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त गुज़ारें और अल्लाह की राह में दिल खोल कर ख़र्च करें ।

उन्हों ने बताया कि रियास्ती हुकूमत महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद और हज कमेटी के दरमयान बेहतर राबते के ज़रीया आज़मीन-ए-हज्ज की बेहतरीन ख़िदमत को यक़ीनी बनाने के इक़दामात किए जा रहे हैं । जनाब मुहम्मद अली शब्बीर ने कहा कि हुकूमत हत्तलइमकान इस बात की कोशिश कर रही है कि आज़मीन-ए-हज्ज को तिब्बी सहूलयात के साथ साथ क़ियाम-ओ-ताम की बेहतरीन सहूलयात फ़राहम की जा सके ।

उन्हों ने बताया कि रसूल अल्लाह सिल्ली अल्लाह अलैहि वसल्लम ने ख़ुतबा हज उल-विदा के मौक़ा पर दा-ए-की थी कि आए अल्लाह आज़मीन-ए-हज्ज के लिए आसानीयां पैदा फ़र्मा । उन्हों ने कहा कि इस दा-ए-से ये बात वाज़िह होती है कि हज के दौरान कुछ तकालीफ़ का सामना करना पड़ता है लेकिन अल्लाह के नबी सिल्ली अल्लाह अलैहि वसल्लम ने इन तकालीफ़ से आसानियों के लिए दुआ की है ।

इसी लिए मामूली तकालीफ़ पर शिकायात का नज़रिया तर्क करते हुए अल्लाह से रुजू होना चाहिये । बादअज़ां मौजूदा-ओ-साबिक़ा वुज़राए अक़ल्लीयती बहबूद ने हज हाइज़ के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात का मुआइना करते हुए इंतिज़ामात का जायज़ा लिया और इंतिज़ामात पर इतमीनान का इज़हार करते हुए कहा कि उम्मीद है कि हज कैंप 2012 -ए-का इख़तताम भी इतमीनान बख़श तरीक़ा से होगा और आज़मीन-ए-हज्ज को किसी किस्म की शिकायत का मौक़ा नहीं दिया जाएगा।

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