रियासती काबीना में अनक़रीब रद्दोबदल का इमकान

रियासती काबीना में अनक़रीब रद्दोबदल का इमकान
संगारेड्डी, 22 अप्रैल: आइन्दा माह रियासती काबीना में तबदीली के इमकानात को देखते हुए रियासती वुज़रा अपने क़लमदानों में भी तबदीली चाह रहे हैं जबकि सीनियर अराकाने असेम्बली भी काबीना में शामिल होना चाहते हैं। और टी आर एस असेम्बली और व

संगारेड्डी, 22 अप्रैल: आइन्दा माह रियासती काबीना में तबदीली के इमकानात को देखते हुए रियासती वुज़रा अपने क़लमदानों में भी तबदीली चाह रहे हैं जबकि सीनियर अराकाने असेम्बली भी काबीना में शामिल होना चाहते हैं। और टी आर एस असेम्बली और वुज़रा नई दिल्ली पहुंच कर पार्टी हाईकमान से नुमाइंदगियों का सिलसिला जारी रखे हुए हैं। कांग्रेस पार्टी हाईकमान ने रियासत कर्नाटक में इंतिख़ाबात मुकम्मल होने तक रियासत आन्ध्रा प्रदेश की काबीना में रद्दोबदल ना करना बताया।

दागदार रियासती वुज़रा की काबीना में बरक़रारी की वजह से अपोज़ीशन को मुत्तहिदा तौर पर हुकूमत पर तन्क़ीद करने का मौक़ा फ़राहम होरहा है। इन हालात के मद्दे नज़र कांग्रेस पार्टी हाईकमान भी फ़िक्रमंद होते हुए जायज़ा ले रहे हैं, लेकिन दागदार वुज़रा से मुताल्लिक़ कांग्रेस हाईकमान ने अपने फ़ैसले का कोई ऐलान नहीं किया है। चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी और पी सत्य नाराय‌ना दर पी सी सी दिल्ली जाने के बाद भी इस मसले पर कोई ऐलान ना होसका, लेकिन अराकाने असेम्बली और वुज़रा में खलबली मची हुई है।

कई वुज़रा क़लमदानों की तबदीली पर वज़ीरे दाख़िला के ओहदे के ख़ाहिशमंद हैं जिन में दामोदर राज नरसिम्हा डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर ने दिल्ली पहुंच कर पार्टी हाईकमान से नुमाइंदगी करते हुए वज़ीरे दाख़िला का क़लमदान तफ़वीज़ करने की दरख़ास्त की। जबकि रियासती सतह पर जाना रेड्डी, डी के अरूना, डी श्रीनिवास भी विज़ारते दाख़िला के हुसूल की दौड़ में शामिल हैं। ज़िला मेदक से सुनीता लक्श्मा रेड्डी रुकन असेम्बली नरसापुर जो कि मौजूदा काबीना में रियासती वज़ीरे बहबूद ख़वातीन-ओ-इतफ़ाल हैं और डा. जे गीता रेड्डी वज़ीरे सनअत जोकि रुकन असेम्बली ज़हीराबाद भी हैं विज़ारते दाख़िला के ओहदे के लिए ख़ाहिशमंद हैं।

ज़िला मेदक से तीन वुज़रा दामोदर राज नरसिम्हा, सुनीता लक्श्मा रेड्डी और डा. जे गीता रेड्डी काबीना में तबदीली पर विज़ारते दाख़िला ओहदे के ख़ाहिशमंद हैं, लेकिन उन के बावजूद किरण कुमार रेड्डी चीफ़ मिनिस्टर काबीना में रद्दोबदल की सूरत में अपने किसी बाएतिमाद क़ाइद को ही वज़ीरे दाख़िला के ओहदे पर काबीना में शामिल करना चाहेंगे। साल 2014‍ में आम इंतिख़ाबात होंगे।

इंतिख़ाबात से पहले काबीना में तबदीली होगी या नहीं ये तो वक़्त‌ ही बताएगा, लेकिन वुज़रा अपनी जानिब से कोशिश करते हुए कोई बड़ी विज़ारत हासिल करने में मसरूफ़ हैं। दागदार वुज़रा की तबदीली ना होने पर ख़ुद कांग्रेस के क़ाइदीन ही तन्क़ीद कर रहे हैं।

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