Thursday , May 24 2018

रियासती मुफ़ादात के लिए चीफ मिनिस्टर भरोसा ज़रूरी : उमर अब्दुल्लाह

श्रीनगर

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साबिक़ चीफ मिनिस्टर जम्मू-कश्मीर उमर अब्दुल्लाह ने आज कहा कि किसी भी रियासत के चीफ मिनिस्टर पर अपनी रियासत के मुफ़ादात के ताल्लुक़ से फैसले पर एतबार किया जाना चाहिए बसूरत दीगर यही बेहतर रास्ता है कि रियासती हुकूमतों को बेदखल करदिया जाये और मर्कज़ से रास्त हुक्मरानी चलाई जाये।

उन्होंने ताहम कहा कि अलाहदगी पसंद लीडर मसर्रत आलम की रिहाई का फैसला ये इशारा है कि बी जे पी और पी डी पी के माबेन सिवाए हुक्मरानी की बरक़रारी के हर चीज़ पर इख़तिलाफ़ात हैं। उमर अब्दुल्लाह ने अपने ट्वीटर पर कहा कि अल्लाह जानता है कि उन्हें मुफ़्ती सय्यद पर किसी तरह का यक़ीन नहीं है लेकिन एक चीफ मिनिस्टर पर एतबार करना चाहिए कि वो अपनी रियासत के मुफ़ादात के सिलसिले में फैसले करे।

उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी रियासत के लिए क्या अच्छा है और क्या नहीं का फैसला करने के लिए किसी चीफ मिनिस्टर पर एतबार नहीं करसकते तो फिर बेहतर रास्ता यही है कि रियासती हुकूमतों को मुंतशिर करदिया जाये और दिल्ली से रास्त हुकूमत की जाये ।

नेशनल कान्फ़्रेंस के वर्किंग सदर वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी के पार्लियामेंट‌ में इस बयान पर रद्द-ए-अमल ज़ाहिर कर रहे थे जिस में उन्हों ने कहा था कि मसर्रत आलम की रिहाई के मसले पर कश्मीर की हुकूमत ने मर्कज़ से मश्वरा नहीं किया और ना इसे मतला किया है।

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