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रियासत की तरक़्क़ी और वुज़रा की कारकर्दगी पर चीफ़ मिनिस्टर की ख़ुसूसी तवज्जा

चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव तेलंगाना रियासत की तरक़्क़ी और मुख़्तलिफ़ मह्कमाजात की कारकर्दगी पर ख़ुसूसी तवज्जा मर्कूज़ करचुके हैं।

चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव तेलंगाना रियासत की तरक़्क़ी और मुख़्तलिफ़ मह्कमाजात की कारकर्दगी पर ख़ुसूसी तवज्जा मर्कूज़ करचुके हैं।

रियासती काबीना में जुमला 18 वुज़रा की शमूलीयत के बाद चीफ़ मिनिस्टर मुख़्तलिफ़ अहम मह्कमाजात की कारकर्दगी बेहतर बनाने के लिए पार्लियामेंट सेक्रेटरीज़ की ख़िदमात हासिल कर रहे हैं। वुज़रा के अलावा चीफ़ मिनिस्टर ने 6 पार्लियामेंटरी सेक्रेटरीज़‍‍‍ का तक़र्रुर किया है और उन्हें मुख़्तलिफ़ मह्कमाजात की ज़िम्मेदारी दी गई।

बावसूक़ ज़राए ने बताया कि चीफ़ मिनिस्टर तेलंगाना हुकूमत की तशकील के 7 माह गुज़रने के बावजूद मुख़्तलिफ़ मह्कमाजात की कारकर्दगी और बजट के ख़र्च की रफ़्तार से मुतमइन नहीं है।

उन्होंने बाज़ वुज़रा और ओहदेदारों के साथ जायज़ा इजलास में बाज़ मह्कमाजात की कारकर्दगी पर अपनी नाराज़गी का इज़हार किया। ज़राए के मुताबिक़ काबीना में तौसीअ के बाद से चीफ़ मिनिस्टर वुज़रा और उनके मह्कमाजात की कारकर्दगी पर नज़र रखे हुए हैं और इस सिलसिले में पार्लियामेंटरी सेक्रेटरीज़ का तक़र्रुर एक अहम क़दम है। अपने क़रीबी बाएतेमाद अरकाने असेंबली को पार्लियामेंटरी सेक्रेटरी नामज़द करते हुए उन्हें अहम मह्कमाजात की ज़िम्मेदारी दी गई है ताकि वो इन मह्कमाजात की कारकर्दगी का जायज़ा लेते हुए चीफ़ मिनिस्टर को रिपोर्ट पेश करें।

अगर यूं कहा जाये तो ग़लत ना होगा कि चीफ़ मिनिस्टर ने पार्लियामेंट री सेक्रेटरीज़ के ज़रीये एसे वुज़रा और मह्कमाजात की कारकर्दगी पर नज़र रखने का फ़ैसला किया है जिन की कारकर्दगी तवक़्क़ो के मुताबिक़ नहीं है। के सी आर ने पार्लियामेंटरी सेक्रेटरीज़ को वुज़रा के मुमासिल दर्जा फ़राहम करते हुए उन्हें सेकरेटरीट में वुज़रा के साथ चैंबर्स अलॉट किए गए। बताया जाता हैके चीफ़ मिनिस्टर ने अपने क़रीबी साथीयों पर वाज़िह कर दिया कि वो आइन्दा 6 माह तक तमाम मह्कमाजात और वुज़रा की कारकर्दगी पर नज़र रखेंगे और हुकूमत के एक साल की तकमील के बाद काबीना में रद्द-ओ-बदल किया जा सकता है।

उस वक़्त इतमीनान बख़श कारकर्दगी के हामिल वुज़रा को बरक़रार रखा जाएगा जबकि मायूसकुन कारकर्दगी रखने वालों की तबदीली का इमकान है। बावसूक़ ज़राए के मुताबिक़ चीफ़ मिनिस्टर की तरफ से 6 पार्लियामेंटरी सेक्रेटरीज़ के तक़र्रुर के बाद से कई वुज़रा में बेचैनी पाई जाती है क्युकि वो उन्हें अलॉट करदा महिकमा की कारकर्दगी में मुदाख़िलत का इख़तियार रखते हैं। वो वज़ीर की तरह महिकमा की कारकर्दगी पर जायज़ा इजलास मुनाक़िद करने का इख़तियार रखते हैं। ज़राए के मुताबिक़ चीफ़ मिनिस्टर ने मुख़्तलिफ़ वुज़रा की कारकर्दगी पर अदम इतमीनान के इज़हार के अलावा बजट के ख़र्च की सुस्त रफ़्तार पर भी नाराज़गी जुदा है।

हुकूमत ने जारीया साल एक लाख करोड़ का बजट मुख़तस किया है लेकिन अभी तक बजट के ख़र्च जो रफ़्तार है, वो इंतेहाई सुस्त है। मालीयाती साल के इख़तेताम के लिए सिर्फ़ तीन माह बाक़ी है और चंद मह्कमाजात के अलावा माबकी मह्कमाजात में स्कीमात पर अमल आवरी की रफ़्तार ग़ैर इतमीनान बख़श है। चीफ़ मिनिस्टर ने तमाम अहम स्कीमात और भलाई-ओ-फ़लाही मह्कमाजात की कारकर्दगी और बजट के ख़र्च की तफ़सीलात हासिल करली है। ज़राए का कहना हैके हुकूमत ने कमज़ोर तबक़ात और अक़लियतों की भलाई के सिलसिले में जो बजट मुख़तस किया था,इस के ख़र्च की रिपोर्ट से चीफ़ मिनिस्टर मुतमइन नहीं।

तवक़्क़ो की जा रही है कि चीफ़ मिनिस्टर हर वज़ीर के साथ उस की वज़ारत से मुताल्लिक़ जायज़ा इजलास तलब करेंगे जिस में बाक़ी तीन माह में बजट के ख़र्च को यक़ीनी बनाने की हिक्मत-ए-अमली तए की जाएगी। चीफ़ मिनिस्टर के क़रीबी ज़राए ने बताया कि चन्द्रशेखर राव मालीयाती साल के इख़तेताम तक कम अज़ कम 60 ता 70 फ़ीसद बजट के ख़र्च के हक़ में है।

वाज़िह रहे कि चीफ़ मिनिस्टर ने अहम मह्कमाजात की कारकर्दगी पर नज़र रखने के लिए जिन 6 पार्लियामेंटरी सेक्रेटरीज़ का तक़र्रुर किया है, इन में श्रीनिवास गौड़ को महिकमा माल की ज़िम्मेदारी दी गई जबकि जी किशवर, मेडिकल ऐंड हेल्थ् , वि सतीश कुमार तालीम और के लक्ष्मी को महिकमा ज़राअत की ज़िम्मेदारी दी गई। दो पार्लियामेंटरी ससेक्रेटरीज़ डी विनए भास्कर और जलगम वेंकट राव चीफ़ मिनिस्टर के दफ़्तर में फ़ाइज़ किए गए हैं जो तमाम अहम उमूर के नगर इनकार होंगे। चीफ़ मिनिस्टर को उम्मीद हैके पार्लियामेंटरी सेक्रेटरीज़ के तक़र्रुर से मह्कमाजात और वुज़रा की कारकर्दगी बेहतर होगी।

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