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रियासत की तक़सीम के ग़लत तरीका-ए-कार से अवामी ख़दशात में इज़ाफ़ा:नायडू

सदर तेलुगूदेशम एन चन्द्रबाबू नायडू ने वज़ीर-ए-आज़म डक्टर मनमोहन सिंह को मकतूब रवाना करते हुए फ़ौरी तौर पर रियासत के हालात को बेहतर बनाने के लिए अपनी ख़ामोशी तोड़ने का मश्वरह दिया और मुग्तालिबा किया कि रियासत में अमन-ओ-अमान की बरक़रारी-

सदर तेलुगूदेशम एन चन्द्रबाबू नायडू ने वज़ीर-ए-आज़म डक्टर मनमोहन सिंह को मकतूब रवाना करते हुए फ़ौरी तौर पर रियासत के हालात को बेहतर बनाने के लिए अपनी ख़ामोशी तोड़ने का मश्वरह दिया और मुग्तालिबा किया कि रियासत में अमन-ओ-अमान की बरक़रारी-ओ-तरक़्क़ी के लिए सयासी मुफ़ादात को मदए नज़र रखते हुए फ़ौरी मदाख़िलत करें।

नायडू ने छः सफ़हात पर मुश्तमिल मकतूब वज़ीर-ए-आज़म को रवाना करते हुए यू पी ए के फ़ैसले को सख़्त तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि यू पी ए की तरफ से रियासत की तक़सीम का जिस अंदाज़ में फ़ैसला किया गया है इस से अवाम में कई तरह के ख़दशात पैदा होचुके हैं।

उन्होंने मकतूब में डिग विजय सिंह के बयानात पर सख़्त ब्रहमी ज़ाहिर करते हुए कहा कि डिग विजय सिंह के बयानात जले पर तेल डालने के बराबर साबित होरहे हैं।

नायडू ने वज़ीर-ए-आज़म को रवाना करदा मकतूब में इस बात की भी शिकायत की के सयासी मुफ़ादात के मद्द-ए-नज़र किए गए इस फ़ैसले का सबूत ये है कि फ़ैसले से वाक़िफ़ करवाने के दौरान डिग विजय सिंह ने टी आर एस के कांग्रेस में इंज़िमाम का भी ज़िक्र छेड़ा था।

डिग विजय सिंह ने वाई एस आर कांग्रेस को कांग्रेस का डी एन ए क़रार देते हुए ये पैग़ाम दिया था कि कांग्रेस और वाई एस आर कांग्रेस के दरमयान किसी भी वक़्त मुफ़ाहमत मुम्किन है।

नायडू ने बताया कि तेलुगूदेशम पार्टी रियासत के तमाम इलाक़ों के अवाम के साथ इंसाफ़ का मुतालिबा कररही है। उन्होंने वज़ीर-ए-आज़म की तरफ से डक्टर राज शेखर रेड्डी की सताइश के मुताल्लिक़ किए गए वाई एस विजए अम्मा के दावे पर भी मकतूब में हैरत ज़ाहिर करते हुए कहा कि अगर विजए लक्ष्मी की तरफ से किया जाने वाला दावा दरुस्त है तो एसी सूरत में वज़ीर-ए-आज़म को चाहीए कि वो डक्टर वाई एस राज शेखर रेड्डी की बे क़ाईदगियों का एक मर्तबा जायज़ा लें।

उन्होंने बारहा वाई एस आर कांग्रेस क़ाइदीन को मुलाक़ात के लिए वक़्त दिए जाने और तेलुगूदेशम पार्टी क़ाइदीन की तरफ से मुलाक़ात की दरख़ास्त को नजरअंदाज़ किए जाने पर भी अफ़सोस का इज़हार करते हुए कहा कि पिछ्ले तीन बरसों के दौरान वज़ीर-ए-आज़म ने 11 मर्तबा तेलुगूदेशम क़ाइदीन को मुलाक़ात के लिए वक़्त फ़राहम नहीं किया जोकि जमहूरी इक़दार के खिलाफ है।

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