Monday , December 18 2017

रियासत के तमाम शहरों में आरोग्य नुमाइश ज़रूरी

आरोग्य नुमाइश के चौथे और आख़िरी दिन रुकन क़ानून साज़ कौंसल फ़ारूक़ हुसैन ने नुमाइश का दौरा करते हुए स्टालस का मइना किया।

आरोग्य नुमाइश के चौथे और आख़िरी दिन रुकन क़ानून साज़ कौंसल फ़ारूक़ हुसैन ने नुमाइश का दौरा करते हुए स्टालस का मइना किया।

उन्हों ने इस मेखे पर एक ही छत के नीचे यूनानी एअर वयदा योगा एलोपैथीहोम्योपैथी अदवियात और तशख़ीस के स्टालस के इनइक़ाद को काबिल सताइश(तारिफ) क़रते हुए कहाके रियासत के तमाम शहरों में इस किस्म की नुमाइश का एहतिमाम ज़रूरी है। उन्हों ने कहाके सिर्फ़ चाररोज़ा नुमाइश के सबब हैदराबाद की अवाम नुमाइश से इस्तेफ़ादा उठाने से महरूम रही है।

उन्होंने मर्कज़ी वज़ीर सेहत से इस ज़मन में नुमाइंदगी करते हुए दस ता पंद्रह रोज़ा आरोग्य नुमाइश के इनइक़ाद का वाअदा किया ।

वज़ारत सेहत हकूमत हिन्द रियास्ती महिकमा एवश फ़ैडरेशन अफ़ चंबरस अफ़ कॉमर्स के इश्तिराक से आग़ाज़ करदा आरोग्य नुमाइश का चारूज़ पहले मर्कज़ी वज़ीर सेहत ग़ुलाम बनी आज़ाद के हाथों चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी महिकमा एवश के डायरैक्टर और दुसरे मुताल्लिक़ा हज़रात की निगरानी में इस नुमाइश का इफ़्तिताह अमल में आया था जिस में एक सौ पच्चास से ज़ाइद मुख़्तलिफ़ तिब्बी कंपनीयों इदारों के स्टालस पर मुफ़्त(फ्रे) तशख़ीस(देखना) की सहूलयात फ़राहम की गई थी जिन में कारख़ाना ज़िंदा तिलसमात , मुहम्मदिया प्रोडक्ट रेकह कंपनी अवामी लेबारेटरी फार्मेसी बैत अलादवयात जैसी कंपनीयां काबिल-ज़िक्रर हैं।।

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