रियासत के दो आला पुलिस ओहदेदारों के ख़िलाफ़ चार्ज शीट

रियासत के दो आला पुलिस ओहदेदारों के ख़िलाफ़ चार्ज शीट
हैदराबाद 15 मई: सुहराब उद्दिन शेख फ़र्ज़ीएनकाउंटर केस में सेंट्रल ब्यूरो आफ़ इन्वेस्टीगेशन (सी बी आई) ने आज सप्लीमेंट्री चार्ज शीट पेश करदी जिन में आंध्र प्रदेश के इन्सपेक्टर जनरल आफ़ पुलिस (इंटेलिजेंस) एन बाला सुब्रामणियम और डिप्टी

हैदराबाद 15 मई: सुहराब उद्दिन शेख फ़र्ज़ीएनकाउंटर केस में सेंट्रल ब्यूरो आफ़ इन्वेस्टीगेशन (सी बी आई) ने आज सप्लीमेंट्री चार्ज शीट पेश करदी जिन में आंध्र प्रदेश के इन्सपेक्टर जनरल आफ़ पुलिस (इंटेलिजेंस) एन बाला सुब्रामणियम और डिप्टी सुपरिन्टेन्डेन्ट आफ़ पुलिस जी श्रीनिवास राव के नाम भी शामिल हैं जिन के ख़िलाफ़ क़तल, अग़वा, गैर मजाज़ तहवील और साबूत को मिटाने जैसे इल्ज़ामात लागए गए हैं।

सी बी आई ने सुहराब उद्दिन और उन की बिवि कौसर बी की मुबयना फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाकत पर मुंबई के तीसरे ए सी एम एम थर्ड कोर्ट के रूबरू पेश करदा सप्लीमेंट्री चार्ज शीट में राजिस्थान के उस वक़्त के वज़ीर दाख़िला-ओ-बी जे पी लीडर गुलाब चंद कटारिया आई जी पी (इंटेलिजेंस) आंध्र प्रदेश पुलिस एन बालासबरामनेम, डायरेक्टर आर के मार्बल उदयपुर (राजिस्थान) वेमल पटनी और डी एस पी जी श्रीनिवास के ख़िलाफ़ ताज़ीरात हिंद की दफ़आत 120 r/w 364, 365, 368, 341, 342, 302 & 301 के तहत इल्ज़ामात वज़ा किए गए हैं।

सी बी आई की तरफ से 500 सफ़हात म्पर मुश्तमिल सप्लीमेंट्री चार्ज शीट के इदख़ाल के बाद मजिस्ट्रेट ए ए ख़ान ने चारों मुल्ज़िमीन को अदालत में पेश होने सम्मान जारी किया।

समझा जाता है कि चारों मुल्ज़िमीन 4 जून को अदालत में हाज़िर होंगे। याद रहे कि सुहराब उद्दिन को 26 नवंबर 2005 को फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाक करदिया गया था और बादअज़ां उन की बिवि की इस्मत रेज़ि करने के बाद उन्हें भी क़तल किया गया था।

सुहराब उद्दिन् और कौसर बी हैदराबाद से सांगली महाराष्ट्रा के लिए अफ़ज़ल गंज में वाक़्ये एक ख़ानगी ट्रावैल बस के ज़रीये रवाना हुए थे कि बस को रास्ते में रोक कर दोनों मियां बीवी और सुहराब उद्दिन के साथ तुलसी राम प्रजापति को उतार लिया गया था।

प्रजापति को भी फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाक करदिया गया। ये तआवुन रेकॉर्ड में लाए बगैर किया गया था। हैदराबाद में 2005 में सब से पहले पहुंचने वाले गुजरात के सुपरिन्टेन्डेन्ट आफ़ पुलिस ए टी एस राज कुमार पांडियन थे।

बलसुब्रमनिअन ने पांडियन के लिए ऑफीसरस मेस में एक कमरा बुक करवाया था। बलसुब्रमनिअन उस वक़्त प्रकाशम के एस पी थे और उनकी पोस्टिंग ओनगो में थी इस के बावजूद उन्होंने पांडियन की ग़ैरमामूली मदद की थी।

ये दोनों इस दौरान मोबाईल फ़ोन पर कई मर्तबा बात चीत करते रहे। ये भी इल्ज़ाम लागया जाता है कि प्रकाशम पुलिस ने ना सिर्फ़ गुजरात ए टी एस टीम को अग़वा में इदारा जाती तआवुन किया बल्के कौसर बी, सुहराब और तुलसी राम को गुजरात तक अपनी निगरानी में पहुंचाया।

सुहराब उद्दिन अपनी बिवि के रुहानी ईलाज के सिलसिले में हैदराबाद आया हुआ था और वनसथलीपुरम में मुक़ीम था।इस केस में साबिक़ वज़ीर दाख़िला गुजरात अमीत शाह के बाद राजिस्थान के साबिक़ वज़ीर दाख़िला गुलाब सिंह कटारिया दूसरे बड़े सियासतदां हैं जिन के ख़िलाफ़ इल्ज़ामात वज़ा किए गए हैं।

सुहराब उद्दिन शेख को पटनी से 24 करोड़ रुपये का मुतालिबा करनके हलाक किया गया जिस की अमीत शाह से कटारिया ने शनासाई करवाई गई थी।

बलसुब्रमनिअन 1994 बयाच के आई पी एस ऑफीसर हैं जो सुहराब के अग़वा-ओ-क़तल के वक़्त ज़िला प्रकाशम के सुपरिन्टेन्डेन्ट आफ़ पुलिस थे और श्रीनिवास राव‌ राजिंदरनगर इन्सपेक्टर आफ़ पुलिस थे।

ये इल्ज़ाम है कि आंध्र प्रदेश के दोनों पुलिस आफ़िसरान, सुहराब उद्दिन शेख की हैदराबाद में मौजूदगी से आगाह थे और गुजरात पुलिस को उस की इतेला दीए थे।

गुजरात पुलिस ने इन का अग़वा करके फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाक करदिया था। सप्लीमेंट्री चार्ज शीट सी बी आई के एस पी संदीप तमगाडे ने स्पेशल पब्लिक परासेकोटर एजाज़ ख़ान के तवस्सुत से अदालत में पेश की।

याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर 2012 को सुहराब उद्दिन् के केस की समाअत महाराष्ट्रा रियासत को मुंतक़िल की थी। अमीत शाह फ़र्ज़ी एनकाउंटर हलाकतों में इन का नाम लिए जाने के बाद स्तीफ़ा देने से पहले मोदी हुकूमत में मुमलिकती वज़ीर दाख़िला थे।

सी बी आई ने अहमदाबाद में स्पेशल सी बी आई कोर्ट में सुहराब उद्दिन फ़र्ज़ी एनकाउंटर केस में 2010 में 15 मुल्ज़िमीन के ख़िलाफ़ चार्ज शीट दाख़िल की थी जिस के बाद एक सप्लीमेंट्री चार्ज शीट में अमीत शाह का नाम शामिल किया था। सी बी आई ने 40 नए गवाहों के नाम शामिल किए गए हैं।

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