रियासत को आलूदगी से पाक बनायेंगे

रियासत को आलूदगी से पाक बनायेंगे
रांची 8 मई : मिस्टर मल्होत्रा ने बताया कि यह बहुत अच्छा कोशिश है। इससे फिजाई आलूदगी (पोल्यूशन) की मुसलसल मालूमात मिल सकेगी। हवा में कौन-कौन अनासर कितनी मिकदार में हैं, इसकी जानकारी मिलेगी। इससे आलूदगी को लेकर हिकमत अमली तैयार करने म

रांची 8 मई : मिस्टर मल्होत्रा ने बताया कि यह बहुत अच्छा कोशिश है। इससे फिजाई आलूदगी (पोल्यूशन) की मुसलसल मालूमात मिल सकेगी। हवा में कौन-कौन अनासर कितनी मिकदार में हैं, इसकी जानकारी मिलेगी। इससे आलूदगी को लेकर हिकमत अमली तैयार करने में मदद मिलेगी। मशीन ऑटोमेटिक रीडिंग लेगी। स्क्रीन पर लगातार जानकारी मिलेगी। पांच-पांच मिनट में डाटा उपडेट होगा। 10 साल तक का डाटा इसमें रिकार्ड किया जा सकेगा।

टाटा कंपनी के तावून से पहली बार रियासत में आम लोगों के लिए कंटीन्यूस एंबीयेंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया गया। डोरंडा वाक़ेय जंगल ईमारत अहाते में लगे इस सिस्टम का एफ्तेताह मंगल को रियासत आलूदगी कंट्रोल बोर्ड के सदर मणिशंकर और पीसीसीएफ एके मल्होत्रा ने किया। मणिशंकर ने कहा कि रियासत को आलूदगी मुफात बनाने को लेकर बोर्ड अहद है। यहां के लोगों को साफ़ हवा और पानी मिले, इसके लिए कोशिश जारी है। दीगर तमाम बडे शहरों में भी ऐसा कोशिश किया जायेगा।

एक करोड़ हुआ खर्च : टाटा कंपनी के अफसरों के मुताबिक इसे लगाने में करीब एक करोड रुपये का खर्च आया है। रियासत में पहली बार किसी अवामी मुकाम पर इसे लगाया गया है। टाटा कंपनी जमशेदपुर वाक़ेय अपने प्लांट में दो मशीन लगा चुकी है। मौके पर टाटा स्टील की तरफ से डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज सुनील और आलूदगी कंट्रोल बोर्ड के रुकन सेक्रेटरी एसके सिन्हा मौजूद थे।

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