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रियासत में ग़ैर यक़ीनी सियासी सूरत-ए-हाल, तेलगू देशम-ओ-कांग्रेस की आज़माईश

रियासत में ग़ैर यक़ीनी सयासी सूरत-ए-हाल का सयासी जमातों में असर देखने को मिल रहा है। इलाक़ा तेलंगाना मैं तेलगू देशम के अरकान असेंबली टी आर एस से और सीमा आंधरा में कांग्रेस के अरकान असेंबली वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी से राबिता बनाए

रियासत में ग़ैर यक़ीनी सयासी सूरत-ए-हाल का सयासी जमातों में असर देखने को मिल रहा है। इलाक़ा तेलंगाना मैं तेलगू देशम के अरकान असेंबली टी आर एस से और सीमा आंधरा में कांग्रेस के अरकान असेंबली वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी से राबिता बनाए हुए हैं। तेलंगाना मसला तमाम सयासी जमातों के लिए बहुत बड़ा इमतिहान साबित हो रहा है।

तेलंगाना के नाम पर तशकील पाने वाली टी आर एस ने अपनी ग्यारह साला जद्द-ओ-जहद से तेलंगाना तहरीक को उरूज पर पहुंचा दिया है।ज़िमनी इंतिख़ाबात में टी आर एस की बार बार कामयाबी से इस के मज़बूत मौक़िफ़ का अंदाज़ा किया जा सकता है। हुक्मराँ कांग्रेस और असल अपोज़ीशन तेलगू देशम भी तेलंगाना तहरीक चला रही हैं, मगर दोनों जमातों पर तेलंगाना के अवाम को भरोसा नहीं है, इंतिख़ाबी नताइज इस बात का सबूत हैं।

तेलगू देशम और कांग्रेस की जानिब से तेलंगाना से इन्हिराफ़ के बाद दोनों जमातों के अरकान असेंबली अपने मुस्तक़बिल की फ़िक्र कर रहे हैं। हालिया ज़िमनी इंतिख़ाबात में तेलगू देशम के पाँच अरकान असेंबली ने अपनी क़ियादत से बग़ावत करते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था, जिन में से चार अरकान असेंबली ने टी आर एस के टिकट पर कामयाबी हासिल की है और एक क़ाइद आज़ाद रुक्न असेंबली की हैसियत से मुंतख़ब हुआ।

जब कि कांग्रेस के एक वज़ीर और एक रुक्न असेंबली ने कांग्रेस की टाल मटोल पालिसी के ख़िलाफ़ बतौर-ए-एहतजाज मुस्ताफ़ी होकर टी आर एस के टिकट पर कामयाबी हासिल की है। जैसे जैसे 2014-के आम इंतिख़ाबात क़रीब आरहे हैं, तेलंगाना की नुमाइंदगी करने वाले कांग्रेस-ओ-तेलगू देशम के अरकान असेंबली में ये तास्सुर पाया जा रहा है कि अगर उन की जमातें तेलंगाना का वाज़ेह ऐलान नहीं करेंगी तो इस का असर उन के इंतिख़ाबी नताइज पर होगा।

इस तरह की सोच कांग्रेस से ज़्यादा तेलगू देशम के अरकान में पाई जाती है। वो अपने लिए टी आर उसको महफ़ूज़ ठिकाना तसव्वुर कर रहे हैं। कई अरकान सदर टी आर ऐस मिस्टर के चन्द्र शेखर राउऔर हरीश राउ वग़ैरा से राबिता बनाए हुए हैं। कांग्रेस के अरकान असेंबली भी अपना मुस्तक़बिल टी आर ऐस में देख रहे हैं।

अगर कांग्रेस ने एलहदा तेलंगाना रियासत तशकील नहीं देगी तो कई अरकान असेंबली टी आर ऐस में शामिल होसकते हैं। सीमा। आंधरा में भी कांग्रेस के अरकान असेंबली पार्टी की मौजूदा सूरत-ए-हाल के सबब अपने सयासी मुस्तक़बिल को लेकर परेशान हैं, उन्हें महफ़ूज़ ठिकाना वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी नज़र आरही है, जिस की वजह से कई अरकान असेंबली वाई ऐस आर कांग्रेस से राबिता बनाए हुए हैं।

18 असेंबली हलक़ों के ज़िमनी इंतिख़ाबात में वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी को कामयाबी हासिल होती है तो कांग्रेस के कई अरकान असेंबली वाई ऐस आर कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। चंद अरकान असेंबली उजलत में फ़ैसला करने की बजाय जगन के ख़िलाफ़ जारी सी बी आई तहक़ीक़ात और उन की गिरफ़्तारी के बाद वाई ऐस आर कांग्रेस के सियासी मुस्तक़बिल पर ग़ौर कर रहे हैं।

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