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रियासत में फ़लाही असकीमात के लिए फ़ंडज़ की कोई कमी नहीं

हैदराबाद ०४ अप्रैल : ( सियासत न्यूज़ ) : रियासत का माली मौक़िफ़ काफ़ी बेहतर-ओ-मुस्तहकम है और हुकूमत फ़लाह-ओ-बहबूदी असकीमात पर तर्जीह दे रही है क्यों कि फ़लाह-ओ-बहबूदी प्रोग्रामों की अमल आवरी केलिए रक़ूमात की कोई कमी नहीं है । इलावा अज

हैदराबाद ०४ अप्रैल : ( सियासत न्यूज़ ) : रियासत का माली मौक़िफ़ काफ़ी बेहतर-ओ-मुस्तहकम है और हुकूमत फ़लाह-ओ-बहबूदी असकीमात पर तर्जीह दे रही है क्यों कि फ़लाह-ओ-बहबूदी प्रोग्रामों की अमल आवरी केलिए रक़ूमात की कोई कमी नहीं है । इलावा अज़ीं बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा के मसला पर चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी से बातचीत की जाएगी । इस सिलसिला में चीफ़ मिनिस्टर क़तई फ़ैसला करेंगे ।

अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए वज़ीर फ़ीनानस मिस्टर ए राम नारायण रेड्डी ने बताया कि तरजीही बुनियाद पर रक़ूमात जारी करने 8 मह्कमाजात को ग्रीन चिया नल के तहत लेकर इन मह्कमाजात को रक़ूमात जारी किए जा रहे हैं । उन्हों ने कहा कि बहुत जल्द मज़ीद बाअज़ मह्कमाजात को ग्रीन चिया नल में शामिल करने इक़दामात किए जाऐंगे । वज़ीर मौसूफ़ ने कहा कि साल 2004 से अब तक जारी करदा बजट रक़ूमात के मुक़ाबला में साल 2011-12 में ज़ाइद अज़ 95 फ़ीसद रक़ूमात जारी किए गए । इस तरह मालीयाती साल 2011-12 में 1,22,580 लाख करोड़ रुपय बजट के मिनजुमला 95 फ़ीसद से ज़ाइद रक़ूमात ख़र्च किए गए और माबाक़ी चंद फ़ीसद रक़ूमात भी मुतालिबा की असास पर जारी किए जाऐंगे ।

मिस्टर रेड्डी ने कहा कि तमाम मह्कमाजात को बजट में मुख़तस करदा रक़ूमात जारी किए जाऐंगे और किसी महिकमा से इमतियाज़ बरता नहीं जाएगा ।हर माह 15 तारीख़ तक वसूल होने वाले बलज़ को अव्वलीन तर्जीह देते हुए रक़ूमात जारी किए जाऐंगे और 23 तारीख़ को वसूल होने वाले बलज़ केलिए 28 तारीख़ को रक़ूमात अदा की जाएंगी । वज़ीर फ़ीनानस ने कहा कि यक्म अप्रैल को इतवार की तातील रहने और 2 अप्रैल को बैंकों को इख़ततामी साल की तातील रहने के बाइस 3 अप्रैल को सरकारी मुलाज़मीन की तनख़्वाहें और वज़ीफ़ा याब मुलाज़मीन के वज़ाइफ़ की रक़म अदा करने इक़दामात किए गए । उन्हों ने बताया कि क़वानीन के मुताबिक़ ही मालीयाती तक़सीम-ए-अमल में आती है जब कि 28 मार्च के दिन भी रियास्ती हुकूमत ने साल 2011-12 बजट के वाजिब अलादा रक़ूमात यानी 13,700 करोड़ रुपय मुख़्तलिफ़ मुतालिबात ज़र के तहत महिकमा फ़ीनानस की जानिब से जारी किए गए । उन्हों ने कहा कि हुकूमत मालीयाती इस्लाहात को रूबा अमल लाने इक़दामात कररही है जिस की वजह से हुकूमत अपने माली मौक़िफ़ में बेहतरी पैदा करने में कामयाबी हासिल की ।

बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा के मसला पर मिस्टर रेड्डी ने कहा कि बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा के मसला पर इलैक्ट्रिसिटी रैगूलेटरी कमीशन का फ़ैसला रूबा अमल लाने और काबीना के इजलास में जायज़ा लेने और ग़ौर-ओ-ख़ौस के बाद हुकूमत ज़रूरत के मुताबिक़ अपना फ़ैसला करेगी । अब तक मुख़्तलिफ़ ज़मरों-ओ-तबक़ात को हुकूमत बर्क़ी शरहों मैं सब्सीडी को रूबा अमल ला रही है । शरहों के मसला पर चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी रफ़क़ा से मुशावरत के बाद अपना क़तई इज़हार-ए-ख़्याल करेंगे ।

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